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अनियमितता में जिला पंचायत अध्यक्ष समेत छह दोषी मिले

Sun, 26 Aug 2018 11:03 PM IST
siddharthnagar
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investigation
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सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत द्वारा वर्ष 2017-18 में कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जांच में जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व अपर मुख्य अधिकारी और अभियंताओं समेत छह लोग दोषी पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पंचायतीराज विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह और जिला पंचायत सदस्यों ने की थी। इस पर शासन के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जांच में पाया कि डीपीएस स्कूल से पकड़ी चौराहा तक जिपं अध्यक्ष के निर्देश पर इंटरलाकिंग के स्थान पर लेपन कार्य कराया गया। इस कार्य में एक लाख 13 हजार 969 रुपये की अनियमितता पाई गई। ग्राम पंचायत गड़ावर में शत्रुजीत पांडेय के घर से मंदिर होते हुए सोनई के घर तक लेपन कार्य में सड़क पर जी-3 लेयर के पत्थर तथा बिक्र एजिंग गायब गई थी, जबकि कार्य स्थल पर प्राकृतिक आपदा व जलजमाव नहीं होता।

इस पर तीन लाख 7 हजार 466 के अनियमित भुगतान का आरोप सिद्ध हुआ है। नौगढ़-उसका मार्ग से मधवापुर एनएन उपाध्याय के घर तक संपर्क मार्ग के पिच की मरम्मत कार्य में पानी जमा रहने से जी-3 लेयर एवं बिक्र एजिंग पूर्ण रूप से समाप्त होने का उल्लेख नहीं है। गलत रिपोर्ट बनाने एवं कार्य के एवज में 2 लाख 43 हजार 300 रुपये का भुगतान अनियमित पाया गया। इसके लिए सेवानिवृत्त हो चुके अभियंता राजवंत, अवर अभियंता गौरव प्रकाश गौतम, अवर अभियंता हरेन्द्र राव, महेश सिंह दोषी पाए गए हैं। वहीं मिठवल चौराहे से फुलवापुर तक लेपन कार्य में अनियमितता बरती गई। इसके लिए तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी रमेश कुमार सिंह दोषी पाए गए हैं। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष गरीब दास को 6 कार्यों के भुगतान में दोषी पाए गए हैं।
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- जांच में जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी व अभियंता दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट पंचायतीराज विभाग को भेजी गई है। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- कुणाल सिल्कू, डीएम
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