महिला थाने में नई किरण सुनवाई का आयोजन हुआ।
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सिद्धार्थनगर। पहले प्रेम कर साथ जीने-मरने की कसम खाई। दोनों परिवारों के राजी होने के बाद निकाह हो गया। पिता यथा शक्ति उपहार देकर विदा किया। दहेज की मांग को लेकर एक माह में ही प्रताड़ित करके घर से निकाल दिया गया। अब पांच लाख रुपये देने के बाद ही विदा कराने की बात कही जा रही है। ऐसा न करने की बात कही जा रही है। पीड़ित महिला पांच माह से मायके में रह रही है। रविवार को थाने पहुंची महिला ने नई किरण सुनवाई के दौरान न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता ने बताया कि वह उस्का थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी है। शौहर भी क्षेत्र का है। सारी बात सुनने के बाद एसओ ने पीड़िता के ससुराल वालों से बात कर 10 अगस्त को दोनों को पक्षों को थाने बुलाया है। वहीं सुभाषिनी पत्नी बबलू निवासी महनगा थाना सदर, दरकता अंजूम पत्नी अब्दुल करीम निवासी सागर पोखर थाना पथरा बाजार एक साथ रहने का राजी हुए। अन्य छह मामलों में एक ही पक्ष के आने के कारण अगली तारीख में बुलाया गया है। सुनवाई के दौरान महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव, एसआई पूनम मौर्य, काउंसलर विनय कांत मिश्र, चंद्रप्रकाश लाल श्रीवास्वत, सुषमा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।