सिद्धार्थनगर जिले की चिल्हिया क्षेत्र की रहने वाली दरिंदगी की शिकार बेटी गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है। 48 घंटे बाद भी वह बेहोश पड़ी है। अपनों से मिले जख्म के कारण पीड़िता के पिता के मुंह से एक भी अल्फाज नहीं निकल रहा है। बेटी को देखकर उसके आंसू रुक नहीं रहे हैं। दामाद की ओर से दिए गए जख्म पिता के आंसू बयां कर रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुंबई में रहने वाले पीड़िता के दो भाई गोरखपुर पहुंचने वाले हैं। बहू के साथ पीड़ित बेटी के इलाज में पिता जुटा हुआ है और ईश्वर से दुआ कर रहा है कि बेटी उठकर उसे अबू बोल दे। गांव में बहन भी पति के कृत्य से शर्मिदा है, उसका कहना है कि पति ने ऐसा कर दिया, जिससे न तो मायके में सिर उठाने लायक बची न ससुराल में। कैसे चेहरा दिखाएंगें, यह गम हमें खाए जा रहा है।