चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी बनाने सहित छह सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण चौकीदार संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाए और डीएम को ज्ञापन प्रेषित करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। कहा कि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र रूप देंगे।
जिलाध्यक्ष हरिराम यादव ने कहा कि सरकार चौकीदार विरोधी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चौकीदारों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों में चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी का दर्जा मिला है। चौकीदार की जगह क्राइम कंट्रोलर या ग्रामीण पुलिस का नाम देने की भी मांग की। चौकीदारों को पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया जाए, साथ ही बीमार पडने पर निशुल्क दवा कराने की व्यवस्था की जाए।
चौकीदारों के लिए प्रदेश, जिला मुख्यालय व गांव स्तर पर कार्यालय बनाया जाए, जिससे समस्याओं को ऊपर तक पहुंचाया जा सके। थानों पर चौकीदारों को थाने पर हाजिरी बनाने की व्यवस्था स्वत: ग्रामीण चौकीदारों को दिया जाए और चौकीदारों का उत्पीड़न बंद किया जाए। जिला कोषाध्यक्ष बालमुकुंद ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए ब्लाक स्तर पर चुनाव कराया जाएगा। इससे संगठन को मजबूती मिल सके। इस दौरान रामानंद मौर्य, अतहर बेग, राकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रधान प्रजापति, ओमप्रकाश, बहाउ यादव, अलखीनाथ आदि थे।