शोहरतगढ़। नेपाल में स्थित प्रभु नाथ बीते रविवार को गया था। सोमवार जब हिंसा भड़की तो वह निकल नही पाया। वही के होटल में ठहर गया। जेब में दो दिन पैसा खत्म हुआ तो खाने व रहने के लाले पड़ गए। भारत आने के लिए किराया भी नहीं रह गया। शुक्रवार को स्थित सामान्य हुई तो उसको डर सताने लगा कि कैसे घर पहुंचे। शनिवार बढ़नी पहुंचा तो उसने अपना नाम नहीं छापने की शर्त बताया कि सोमवार को जब नेपाल में हिंसा भड़की तो ऐसा लग रहा था कि अब जिंदा घर वापस नहीं जा पाएंगे। तीन दिन बिना खाए-पिए एक होटल में पड़े रहे। पैसा खत्म होने पर बहुत मुश्किल हो रही थी। शुक्रवार को सूचना मिली हालत सामान्य हो गई है। तो नेपाल भींगरी से निकला किराया न होने के कारण 10 किलो मीटर तक पैदल चला। उसके बाद एक चौराहे पर मदद मांगी। उसने नेपाली दो हजार दिए। उसके बाद वहां से बस पकड़कर बढ़नी पहुंचा। भारत सीमा जब प्रवेश किया तो जान में जान आई।