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गिनती-पहाड़े तक में अटके आठवीं के बच्चे

Fri, 21 Apr 2017 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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शोहरतगढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बैठे शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
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इटवा। इसे व्यवस्था की खामियां कहें या शिक्षकों की लापरवाही। नई सरकार के गठन के एक माह बाद भी परिषदीय स्कूलों की दशा नहीं सुधर पाई है। शुक्रवार को हियुवा कार्यकर्ताओं ने खुद क्षेत्र के कई स्कूलों पर जाकर इसकी पड़ताल की। इस दौरान स्कूलों पर कहीं एमडीएम ठप था तो कहीं साफ-सफाई ध्वस्त थी। बच्चों के बीच शिक्षक पान व गुटखा खाकर पढ़ाते दिखाई दिए। विकासखंड खुनियांव के प्राइमरी विद्यालय मिश्रौलिया में पंजीकृत 87 बच्चों के सापेक्ष महज 31 बच्चे उपस्थित रहे। पांच शिक्षकों में सिर्फ महेंद्र कुमार ही यहां उपस्थित रहे। शिक्षक हरिप्रसाद त्रिपाठी की ड्यूटी परीक्षा में बताई गई।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद पांडेय दो घंटे बिलंब से पहुंचे। उन्होंने बताया कि दूसरे विद्यालय से आ रहा हूं। इस विद्यालय का अतिरिक्त चार्ज है। बच्चों से पूछने पर तीन माह से दोपहर में भोजन न बनने की बात सामने आई। विद्यालय में सफाई का आलम यह था कि जैसे यहां महीनों से झाड़ू नहीं लगाया गया है। रसोई घर गंदगी से पटा था। हियुवा नेताओं ने बताया कि एक मात्र प्राइमरी विद्यालय कुनगाई ठीक ठाक रहा। विकासखंड भनवापुर के प्राइमरी विद्यालय चौखड़ा में तैनात शिक्षक पान-गुटखा खाकर बच्चों को पढ़ाते रहे।
हियुवा नेताओं के मुताबिक शिक्षक का जवाब था कि आप लोग कौन होते हैं, पान खाकर पढ़ाने पर एतराज जताने वाले। हियुवा कार्यकर्ताओं की टीम में विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय प्रभारी संजय मिश्रा, अभिनव शाही, ओम प्रकाश तिवारी, आकाश सिंह, रामविलास कन्नौजिया, दीपू सिंह, बबुआ सिंह शामिल रहे। इस संबंध में बीएसए अरविंद कुमार पाठक का कहना था कि मिश्रौलिया में भोजन क्यों नहीं बन रहा है, जांच की जाएगी। साफ-सफाई व शिक्षकों की अनुपस्थिति की आ रही शिकायतों की भी जांच की जाएगी।
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