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परिषदीय स्कूलों में पहले दिन ही रहा सन्नाटा

Sat, 02 Jul 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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लोटन ब्लाक धरमौली प्राथमिक विद्यालय में खराब पड़ा हैंडपंप और शौचालय जिसमें सीट और फाटक नहीं लगा है। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। लंबी छुट्टियों के बाद शनिवार से खुले परिषदीय स्कूलों में बच्चे नदारद रहे। कहीं उनकी उपस्थिति दो से चार थी तो कहीं पूरी तरह सन्नाटा रहा। तमाम स्कूलों में शिक्षक भी गायब रहे। रिमझिम बारिश के बीच पहले दिन स्कूल खोलने की औपचारिकता ही निभाई गई। मौके की नजाकत भांप विभागीय अफसर भी दफ्तर से बाहर नहीं निकले। हालांकि सोमवार से वह स्कूलों के निरीक्षण पर जाने को तैयार हैं।
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विकासखंड बर्डपुर के परिषदीय विद्यालयों का हाल बुरा रहा। सुबह 9.15 बजे बर्डपुर के प्राथमिक विद्यालय पिपरी में प्रधानाध्यपक समसुलहक व तीन सहायक अध्यापक मौजूद रहे। स्कूल में कुल पंजीकत 131 बच्चों में कोई भी हाजिर नहीं था। एमडीएम का चूल्हा भी ठंडा रहा। प्राथमिक विद्यालय मधुबेनिया में सुबह साढ़े 9 बजे प्रधानाध्यापक शब्बीर अनवर अंसारी व तीन सहायक अध्यापिका मौजूद रहीं। स्कूल में कुल पंजीकत 311 बच्चों में उपस्थिति शून्य थी।
सुबह 9.45 बजे प्राथमिक विद्यालय विशुनपुरवा में प्रधानाध्यापिका आराधना चौधरी व सहायक अधयपिका सुनीता चौधरी के साथ सिर्फ दो बच्चे मौजूद रहे, जबकि विद्यालय में 82 बच्चों का नामांकन है। इस संबंध में बीईओ विजय कुमार गुप्ता का कहना है कि बरसात के कारण बच्चे कम आए होंगे। सोमवार से विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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सिद्धार्थनगर। डेढ़ माह की छुट्टियों के बाद परिषदीय स्कूल शनिवार से खुल गए हैं। बच्चों की उपस्थिति के साथ चहल-पहल बढ़नी शुरू हो गई है, मगर स्कूलों के शौचालय अब भी बदहाल पड़े हैं। हैंडपंपों की स्थिति भी दयनीय है। ऐसे में स्कूल आने वाले बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावक चिंतित दिख रहे हैं, वहीं विभाग बेखबर बना हुआ है। लोटन विकासखंड के कौलपुर ग्रांट, केसारी, फुलवरिया, बड़हरा, पड़हरा गदहमरवा, करुवावल कला सहित तमाम स्कूलों के प्रधानाचार्यों/प्रभारी बने अध्यापकों की लापरवाही से बुरा हाल है।
गंदगी से बच्चों में तमाम तरह की बीमारियां होती हैं। सब कुछ जानने के बाद भी परिषदीय स्कूलों मे शौचालय और पानी को लेकर बुरा हाल है। जेई-एईएस के डेंजर जोन में स्थित जिले में दूषित जल को इंसेफेलाइटिस का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। बावजूद स्कूलों में खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त कराने की जरूरत नहीं समझी जा रही। इस संबंध में लोटन की खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में मेंटनेंस का पैसा तो आता है, मगर ब्लाक के 122 विद्यालयों में करीब 20 विद्यालय बंद हैं, जिससे वहां सफाई नहीं हो पाई होगी। शौचालय मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजा गया है।
धन आने पर शौचालय ठीक करा दिया जाएगा। खराब हैंडपंपों की सूची जलनिगम को उपलब्ध करा दी गई थी। उधर, जलनिगम के जेई महेश प्रसाद आजाद ने कहा कि खराब हैंडपंपों की सूची डीएम की संस्तुति के बाद मिली गई है। सामान उपलब्ध होने के बाद एक सप्ताह में रिबोर शुरू करा दिया जाएगा।
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