कोरोना वायरस से लड़ने को तैयार दिखी बुद्ध की भूमि
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश देने वाली भगवान बुद्ध की धरती कोरोना वायरस से शांतिपूर्वक युद्ध करती नजर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू का असर रहा। सन्नाटे के बीच सिर्फ प्रशासनिक अफसर, पुलिस कर्मी, इमरजेंसी सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मियों की ही चहल कदमी देखी गई।
नेपाल सीमा से सटे कपिलवस्तु से ढाई हजार वर्ष पूर्व पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की धरती सिद्धार्थनगर समय-समय पर अपनी सहनशीलता, सहजता और एकजुटता के साथ भाईचारे का संदेश देने में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। वर्ष 1992 में जब श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन तेज था, शहरों में कर्फ्यू का दौर चल रहा था, ऐसे में सिद्धार्थनगर जिले के हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुटता का पैमाग दिया था। यही नहीं, समय-समय पर हुए लोकसभा चुनावों में नेपाल सीमा से सटे डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र में कई बड़ी हस्तियों के चुनाव मैदान में होने के कारण संवेदनशील माहौल रहा। बुद्ध भूमि ने चुनावी युद्ध को बड़े ही सलीके से जीतकर भाईचारे का संदेश दिया। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील का भी खूब असर दिखा। महात्मा बुद्ध की भूमि के लोग दलीय, जातीय बंधन को तोड़कर कदम से कदम मिलाकर कर्फ्यू को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस पहल से जनपदवासियों के प्रयासों की सराहना भी हो रही है।
मजिस्दों से भी मांगी दुआएं
महात्मा बुद्ध की भूमि पर बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान जिले की मजिस्दों में मुस्लिम समाज के लोगों ने जिला समेत प्रदेश और देशवासियों की खुशहाली और इस महामारी से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करने के लिए दुआएं मांगीं।
मंदिरों में हवन-पूजन
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने को लेकर मंदिरों के साथ अब घर-घर भी हवन-पूजन किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में डुमरियागंज के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, हियुवा के देवीपाटन मंडल प्रभारी सुभाष गुप्ता जैसे राजनीतिज्ञों ने मुुहिम छेड़ दी है।