दिव्यांग के जज्बे को सलाम, एक माह का सौंपा वेतन
जगमोहनी में अनाथ बच्चों को शिक्षित कर रहे सुनील पाल
सोशल मीडिया पर इस पहल का मैसेज वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर चल रहे लॉकडाउन के दौरान मदद के लिए हर किसी के हाथ बढ़ने शुरू हो गए हैं। ऐसे में एक दिव्यांग शिक्षक की ओर से एक माह का वेतन देने के निर्णय की पूरे जिले में सराहना हो रही है। हर कोई दिव्यांग के जज्बे को सलाम कर रहे हैं। सोशल मीडिया में इसकी तारीफ की जा रही है।
व्हील चेयर से कलेक्ट्रेट पहुंचे एक दिव्यांग को देखकर जिलाधिकारी ने उनसे समस्या की जानकारी ली। जगमोहनी स्थित अनाथालय स्कूल में बच्चों को शिक्षित कर रहे सुनील पाल ने समस्या न बताकर उन्हें एक हजार रुपये सौंपी। जिस पर वह अवाक रह गए। बताया कि लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए एक माह का वेतन देने आया हूं। डीएम ने दिव्यांग के जज्बे को सलाम किया और कहा कि इस पहल से निश्चय ही अन्य को भी प्रेरणा मिलेगी। शिक्षा की ज्योति जलाने की मुहिम में जुटे सुनील दोनों पैरों से दिव्यांग अपनी हिम्मत, लगन और मेहनत के दम पर बच्चों का भविष्य संवारने के साथ ही अपना भी जीवकोपार्जन कर रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने भी इस जज्बे का जिक्र अपने ट्यूटर पर किया है। जिले के अन्य प्रबुद्ध वर्ग भी सोशल मीडिया पर दिव्यांग के इस निर्णय की सराहना कर रहे हैं। सुनील ने बताया कि कोरोना वायरस जैसे वैश्विक महामारी के बीच असहायों, गरीबों समेत अन्य जरूरतमंदों की मदद के लिए समाज का हर तबका आगे आ रहा है। इसके बाद उनके मन में भी मदद की अभिलाषा जगी।