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'सत्ता का संग्राम': 2027 के रण से पहले डुमरियागंज में क्या है जनता का मूड, सरकार और विधायक के काम पर क्या बोले

Wed, 07 Oct 2026 09:14 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर

सार

अमर उजाला की टीम 'सत्ता का संग्राम' अभियान के तहत सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र पहुंची। इस दौरान टीम ने किसानों, युवाओं और स्थानीय निवासियों से आगामी चुनावों के मुद्दों और क्षेत्र के विकास पर बातचीत की। 
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डुमरियागंज में सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है। चुनावी रण में उतरने से पहले राजनीतिक दल जहां अपने समीकरण साधने में जुटे हैं, वहीं जनता के बीच भी पिछले पांच साल के कामकाज का हिसाब-किताब शुरू हो गया है। इसी नब्ज को टटोलने के लिए अमर उजाला का 'सत्ता का संग्राम' अभियान प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों तक पहुंच रहा है। अभियान के तहत टीम डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में पहुंची और किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत की। लोगों से पूछा गया कि मौजूदा विधायक के कार्यकाल में इलाके में कितना विकास हुआ, उनकी सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं और 2027 में चुनावी मुद्दे क्या रहने वाले हैं। 
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डुमरियागंज की कितनी बदली तस्वीर
'सत्ता का संग्राम' के दौरान अमर उजाला की टीम ने डुमरियागंज के अलग-अलग इलाकों में स्थानीय लोगों से बातचीत की। लोगों से बिजली, सड़क, सुरक्षा और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को लेकर सवाल किए गए। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान डुमरियागंज में विकास के काम हुए हैं। उनके मुताबिक, जब राघवेंद्र प्रताप सिंह यहां भाजपा के विधायक थे, तब उनके कार्यकाल में कई विकास कार्य कराए गए। हालांकि, सपा की विधायक सैयदा खातून के कार्यकाल को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि विधायक अपने गांव की सड़क तक नहीं बनवा पाईं तो बाकी गांवों के विकास की उम्मीद कैसे की जाए।


डुमरियागंज के किसानों से बातचीत
टीम ने डुमरियागंज के ग्रामीण इलाकों में किसानों से भी बातचीत की और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को समझने की कोशिश की। एक किसान ने बताया कि क्षेत्र में मुख्य रूप से धान और गेहूं की खेती होती है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सब्सिडी और पेंशन की सुविधा भी मिल रही है। वहीं दूसरे किसान ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर संतोष जताया। उनका कहना था कि इलाके में बिजली, सड़क और सुरक्षा की स्थिति बेहतर है और फिलहाल बिजली-पानी की कोई बड़ी समस्या नहीं है।
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व्यापारियों ने बताया- पहले डर का माहौल था, अब बेखौफ कारोबार
डुमरियागंज के बाजार और व्यापारिक इलाकों में पहुंची 'सत्ता का संग्राम' की टीम ने व्यापारियों से भी बातचीत की। उनसे पूछा गया कि पिछले पांच वर्षों में इलाके में कितना बदलाव आया और मौजूदा विधायक से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं। एक व्यापारी ने सपा विधायक सैयदा खातून के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी ओर से क्षेत्र में कोई खास काम नहीं कराया गया। व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित माहौल में कारोबार करना है। वहीं एक अन्य व्यापारी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार की तारीफ की। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि सपा और बसपा सरकारों के समय गुंडागर्दी, चोरी और लूटपाट जैसी घटनाएं आम थीं। उनका आरोप था कि उस समय कुछ लोग सामान ले जाते थे और पैसे नहीं देते थे। पैसे मांगने पर गाली-गलौज और धमकी तक दी जाती थी। व्यापारी के मुताबिक, अब हालात काफी बदले हैं। आज व्यापारी बेखौफ होकर कारोबार कर सकता है और पैसे लेकर भी सुरक्षित लौट सकता है।


महिलाओं ने कहा- अब बिना झिझक घर से बाहर निकलते हैं
डुमरियागंज के अलग-अलग इलाकों में महिलाओं से भी 'सत्ता का संग्राम' की टीम ने बातचीत की। महिलाओं से सुरक्षा, रोजगार और घर से बाहर निकलने की आजादी को लेकर सवाल किए गए। एक महिला ने कहा कि पहले महिलाएं घर में रहती थीं और घूंघट में रहने की मजबूरी थी, लेकिन योगी सरकार में उन्हें घर से बाहर निकलकर काम करने और रोजगार पाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं और बिना झिझक बाहर निकल सकती हैं। एक अन्य महिला ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। उनका कहना था कि अब महिलाओं को सुरक्षा मिल रही है और किसी की हिम्मत नहीं होती कि वह बुरी नजर से देख सके। उनके मुताबिक, सुरक्षा के माहौल में महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।


सपा विधायक के काम पर जनता ने क्या कहा?
अमर उजाला की टीम ने डुमरियागंज के अलग-अलग इलाकों में लोगों से मौजूदा सपा विधायक सैयदा खातून के कामकाज को लेकर भी सवाल किए। एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि विधायक कभी उनके बीच नहीं आईं और जनता से संवाद भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास की कमी साफ दिखाई देती है। वहीं एक अन्य स्थानीय निवासी ने डुमरियागंज के विकास को लेकर लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि डुमरियागंज बनने के बाद से ही इसके विकास के साथ छल होता रहा है। किसी भी नेता ने क्षेत्र के विकास और विस्तार को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि डुमरियागंज में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय निवासी ने सड़क, पानी, बिजली और जल निकासी की समस्याएं गिनाते हुए कहा कि थोड़ी सी बारिश में चौराहों पर पानी भर जाता है। कई जगह पानी की पाइपलाइन तो पड़ी है, लेकिन वर्षों से उसमें पानी नहीं आया। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और सड़क तीनों मूलभूत सुविधाएं हैं, लेकिन इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार के काम की तारीफ की और कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के मामले में लोग संतुष्ट हैं।
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