भनवापुर। किसान आर्गेनिक तरीके से सब्जियों के उत्पादन के साथ ही फसल अवशेष को सब्जियों की खेती व बगीचों में फैला कर खरपतवार नियंत्रित कर सकते है। यह बातें शनिवार को प्यूरिया में फसल अवशेष प्रबंधन के जागरूकता बैठक में किसानों को जागरूक करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया।
डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीवों की संख्या में कमी होने के साथ ही मृदा में पोषक तत्वों के जलने से मृदा की सतह कठोर हो जाती है।
डॉ. सर्वजीत ने बताया कि खेतों में पराली जलाने से मृदा में रंध्रों से आक्सीजन की मात्रा कम होने के साथ ही भूमि में जल धारण क्षमता कम हो जाती है।