कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री।
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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरनारत कर्मचारियों ने छह सूत्री मांगों के समर्थन में नारे लगाए। शासन-प्रशासन को चेताया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वह आंदोलन से नहीं हटेंगे। अगले चरण में आंदोलन को उग्र देने की भी चेतावनी दी।
धरने में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने में संविदा कर्मचारियों का अहम योगदान है। आशा और संविदा कर्मी पूरी निष्ठा से काम करते हुए गांव-गांव स्वास्थ्य सेवा पहुंचा रहे हैं। बावजूद उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। सरकार का यह दोहरा रवैया अब नहीं चलेगा। यूपी पब्लिक हेल्थ व मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दीपेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि संविदा कर्मियों के इस आंदोलन में संगठन साथ है।
कंधे से कंधा मिलाकर उनके हितों की लड़ाई लड़ी जाएगी। मनीष पांडेय ने कहा कि संविदा कर्मियों के हितों को अनदेखा कर प्रदेश सरकार 2 लाख 25 हजार परिवारों के साथ अन्याय कर रही है। एक तरफ मां और बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित कर रही है, वहीं विभाग के महत्वपूर्ण स्तंभों को सबसे कम वेतन भोगी की श्रेणी में रखा जा रहा है। इस दौरान दिनेश मिश्रा, ओपी द्विवेदी, हरीश यादव, अरविंद त्रिपाठी, वीरेंद्र मौर्या, रीता पांडेय, गीता गोस्वामी आदि मौजूद रहे।