सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा की शिकायत पर हुई जांच में बढ़नी ब्लाॅक के औदही कलां में मनरेगा योजना में जेसीबी से नाला खुदाई का आरोप सही मिला है। जांच समिति ने पूरे कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया है। इस मामले में भुगतान नहीं होगा। जांच में ठेकेदार दोषी साबित हुआ है। इस मामले में विधायक ने बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने जिलाधिकारी पवन अग्रवाल से कहा है कि बीडीओ धनंजय सिंह की जांच में लापरवाही के कारण ठेकेदार मनमानी पूर्वक कार्य कर रहा है। अनियमितता पकड़ी गई है तो संबंधित अधिकारियों को भी जांच में दायरे में लेना चाहिए। विधायक ने कहा कि बीडीओ की कार्य प्रणाली में गड़बड़ी के कारण क्षेत्र से लगातार शिकायतें आ रही है। जांच होने पर अन्य कार्यों में भी अनियमितता सामने आएंगी। सिर्फ कार्य कराने वाले को ही केवल दोषी करार देना अधिकारियों का मनोबल को बढ़ाने वाला है। कार्यों की अनियमितता अधिकारियों के संरक्षण में ही होती है।
विधायक की ओर से औदही कलां के अनुपम शुक्ल ने शिकायत की थी कि औदही कलां में जेसीबी से नाला निर्माण कराया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। इस मामले में गठित जांच समिति में उपायुक्त स्वत: रोजगार, सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने रिपोर्ट सौंपी है, जिसके बाद कार्य को श्रमदान घोषित किया गया है।