सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत इटवा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान रहे हैं। हालत यह है कि लोग रतजगा करने को विवश हैं। यह स्थिति स्थानीय इटवा, कठौतिया, तरहर, खुनियांव, बैदौला सभी विद्युत आपूर्ति केंद्रों के अधीन आने-वाले गांवों की है।
नगर पंचायत इटवा के गांवों मस्जिदिया, महादेव घूरहू, कपिया नकटी, कपिया लोहटी, बरगदवा पूर्वी, खुखुडी सहित सैकड़ों गांवों के उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती के चलते पूरी रात पंखा झलते हुए बितानी पड़ रही है। यही हाल बैदौला उपकेंद्र से आपूर्ति होने वाले राप्ती नदी के उत्तर स्थित गांवों प्रेमपुर, डेगहा, बेनीनगर, चौखड़ा, गिरधरपुर, लोहटा, इटवा वन, लटेरा सहित अन्य गांवों का है। मामूली फाल्ट से दो-दो दिनों तक आपूर्ति बाधित हो जा रही है। जिसके चलते आम उपभोक्ता पूरी रात घर के बाहर रतजगा करके बिता रहा है। चौखड़ा निवासी आचार्य गौकरन पांडेय कहते है कि 72 घंटे बीत गए हैं। हम लोगों के मोहल्ले में बिजली की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई। ऐसा तब है जब प्रदेश के सीएम ने कटौती न करने के निर्देश दिए हैं और उर्जामंत्री इसी क्षेत्र में लाभार्थी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। गिरधरपुर निवासी सियाराम चौधरी ने कहा कि इतनी बदतर विद्युत आपूर्ति उन्होंने कभी नहीं देखी। एक घंटे में 10 बार बिजली का आना-जाना होता है। जिसके चलते हम गरीब जन पूरी रात चारपाई पर बैठ करके बिताने को मजबूर हैं। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस संबंध में अवर अभियंता अवनीश मिश्र तेज हवाओं को जिम्मेदार बता रहे हैं। तो वहीं, बैदौला के सहायक अभियंता बबलू चौधरी जर्जर तारों व लंबी दूरी को प्रमुख कारण बता रहे हैं। इनका कहना है कि बगैर तारों को बदले राप्ती नदी के उत्तर स्थित कुछ गांवों में सुचारू आपूर्ति संभव नहीं है।