देवरिया। शहर के रामलीला मैदान स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र पर बिजली आपूर्ति की शिकायत को लेकर उपभोक्ता और कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। युवती ने लाइन प्रभारी समेत अन्य कर्मचारियों पर मारपीट, छेड़खानी और कमरे में बंद करने का आरोप लगाया है।
वहीं, शिफ्ट सब-स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) ने महिला समेत तीन अज्ञात लोगों पर उपकेंद्र में घुसकर मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की तहरीर दी है। सदर कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भुजौली कॉलोनी निवासी युवती ने पुलिस को बताया कि 15 सितंबर की रात करीब नौ बजे वह एक मित्र के साथ बिजली आपूर्ति की शिकायत करने और उसकी औपचारिक रसीद लेने उपकेंद्र गई थीं। आरोप है कि लाइन प्रभारी ने दोनों से अभद्रता की और कमरे में बंद करने की कोशिश की। बाहर निकलने पर करीब आठ कर्मचारियों ने उसे घेरकर मारपीट की। उसके मित्र को कमरे में बंद कर दिया गया, जिससे उसके कान में चोट आई।
युवती ने थप्पड़ मारने, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर संपर्क करने की कोशिश करने पर मोबाइल छीन लिया गया और मित्र को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर घटना के वीडियो मिटवा दिए गए। पुलिस ने लाइन प्रभारी और अज्ञात कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
दूसरी ओर, एसएसओ देवेंद्र कुशवाहा ने पुलिस को बताया कि रात करीब नौ बजे एक व्यक्ति ने फोन कर घर की बिजली खराब होने की सूचना दी थी। उसे बिजली बिल दिखाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। कुछ देर बाद उपखंड अधिकारी ने कर्मचारियों के मोबाइल ग्रुप में उपभोक्ता की शिकायत भेजी। आरोप है कि इसके बाद दो युवक और एक महिला बिना अनुमति वीडियो बनाते हुए उपकेंद्र में घुस आए। उन्होंने अभद्रता करते हुए सरकारी दस्तावेज फाड़ने और बिजली आपूर्ति बंद कराने की कोशिश की। विरोध करने पर देवेंद्र का कॉलर पकड़कर जमीन पर पटक दिया और जान से मारने की धमकी दी। महिला ने वीडियो नहीं मिटाने पर कर्मचारियों को छेड़खानी और मारपीट के आरोप में फंसाने की धमकी दी। रात 10:35 बजे तक संबंधित उपभोक्ता की बिजली भी ठीक करा दी गई।
कोतवाल शशिभूषण राय ने बताया कि दोनो तरफ से क्रास एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।