कांग्रेस के सचिव का जिलाध्यक्ष ने स्वागत किया।
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सिद्धार्थनगर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन नाईक मंगलवार को जिले के दौर पर थे। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में उन्होंने लोकसभा प्रत्याशियों का नब्ज टटोलते हुए जातीय समीकरण और संगठन की तैयारियों का भी जायजा ले लिया। इस बीच करीब आधा दर्जन लोगों ने सांसद के टिकट के लिए अपनी दावेदारी भी ठोक दी। इसमें पूर्व सांसद सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल है। बताया जाता है कि इसकी रिपोर्ट आठ मार्च को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सौंपेंगे।
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन नाईक का दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। उन्होंने रेस्ट हाउस में बारी-बारी से एक-एक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जिले में कांग्रेस की स्थिति पर चर्चा की। संगठन की क्या स्थिति है। और संगठन जिले में किस कदर मजबूत है। इसका भी जायजा लिया। इस बीच कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने पक्ष भी रखे। इसके बाद जातीय समीकरण के आधार पर कार्यकर्ताओं ने टिकट देने की बात कही। जिस पर सभी कार्यकर्ताओं का विशेष फोकस रहा। इस बीच करीब आधा दर्जन कार्यकर्ताओं ने टिकट की दावेदारी भी पेश की। इसमें पूर्व सांसद सहित संगठन के एक बड़े नेता का नाम शामिल है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं से जिले के संगठन के बारे में चर्चा की गई है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जिसे आठ मार्च को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। बता दें कि सचिन नाईक को 21 लोकसभा सीटों का प्रभारी बनाया गया है। इस दौरान बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष ईश्वर चंद्र शुक्ला, पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, बख्तियार उस्मानी, जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी, जिप सदस्य अतहर अलीम, देवेंद्र उर्फ गुड्डू, हमीदुल्लाह, मशहूर अली, सचिदानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
पहले मैं के चक्कर में उलझ गए कार्यकर्ता
संगठन की चर्चा के दौरान कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता आपस में ही उलझ गए। स्थिति कॉलर पकड़ने तक आ गई। हुआ यूं कि कार्यकर्ताओं के एक नेता गुट बंदी कर सचिव सचिन नाईक से मिलना चाह रहे थे। इस बीच दूसरे गुट के कार्यकर्ता पहले मिलने की बात कहते हुए अंदर जाने लगे। इस पर दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। स्थिति गाली-गलौज के बाद कॉलर पकड़ने तक आ गई। इस पर अन्य कार्यकर्ताओं ने किसी तरह मामले को शांत किया।