सिद्धार्थनगर। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने से भड़के कांग्रेसियों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिले में जगह-जगह प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने राहुल को हिरासत में लेने वाले पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाए। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अनुचित और गैर कानूनी कार्रवाई की है। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी पीड़ित परिवार के लोगों से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रोक लिया गया। ऐसा कर पुलिस ने संवेदनहीनता का परिचय दिया है। उन्होंने वन रैंक-वन पेंशन को तत्काल लागू करने की मांग की।
प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी, पूर्व सांसद मो. मुकीम, एससी-एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार गुुड्डू, अशोक चौधरी, संदीप कुमार, पूर्व विधायक अनिल सिंह, काजी सुहेल अहमद, डॉ. प्रमोद उपाध्याय, सच्चिदानंद पांडेय, डॉ. वीएन त्रिपाठी और कन्हैया पांडेय आदि मौजूद रहे।
पथरा। राहुल को हिरासत में लेने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेखुइया चौराहे पर पीएम मोदी का पुतला फूंका। यहां हुई सभा में वरिष्ठ नेता मौलाना हमीदुल्लाह चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी के बढ़ते कदम और कांग्रेस पार्टी के जनाधार को देख कर मोदी सरकार बौखलाई हुई है।
इसी द्वेषवश दल्ली में राहुल गांधी को असंवैधानिक रूप से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कल जो लोग जवानों के खून की दलाली और लाशों पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे थे आज वही लोग एक जवान के परिजनों से मिलने की कोशिश के जुर्म में राहुल गांधी को हिरासत में ले रहे हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी और रंजना मिश्रा आदि शामिल रहे।