भनवापुर क्षेत्र के भंड़रिया चौराहे पर बिजली का कार्य करता बिजली कर्मी।
सिद्धार्थनगर। विद्युत निगम की अनदेखी पोल पर चढ़कर काम करने वाले लाइनमैन पर भारी पड़ रही है। बिना सुरक्षा किट के पोल पर चढ़कर तार और लोकल फाल्ट सही करने में कुछ झुलस जा रहे हैं तो कुछ गिरकर घायल हो जाए रहे हैं। जिले में आए दिन होने वाले हादसों के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं।
जिले में 1136 ग्राम पंचायत के साथ दो नगर पालिका और नौ नगर पंचायत में बिजली आपूर्ति हो रही है। जिले में बिजली वितरण के लिए छह खंड बने हुए हैं। इन वितरण खंडों में 32 से अधिक उपकेंद्र हैं। जहां से बिजली की आपूर्ति होती है। जिले में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चलाने के लिए निजी कंपनी के 350 लाइनमैन रखे गए हैं। जो नई लाइन के साथ ही लोकल फाल्ट और तार को जोड़ने का काम करते हैं। लेकिन लाइनमैनों की जान हमेशा खतरे में रहती है। कारण बिना सुरक्षा किट के ही पोल पर चढ़कर काम करते नजर आते हैं। इसके बाद भी विभाग सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बना हुआ है।
लाइनमैनों का काम जोखिम भरा होता है, वे बिजली के पोल पर चढ़कर फाल्ट, जर्जर तार को ठीक करते हैं। कई लाइनमैनों के साथ हादसे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी निगम चेत नहीं रहा है। जिसके कारण अधिकांश लाइनमैन बिना सुरक्षा किट के ही पोल पर चढ़कर फाल्ट आदि बनाते हैं। जबकि, नियम है कि कंपनी की ओर से उन्हें समय-समय पर सुरक्षा किट प्रदान करवाए। जिससे वह हादसे से बचे सकें, पर जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक किट के रुपये बचाने के लिए ऐसा किया जाता है। क्योंकि एक माह से तीन माह के बीच में बदल दिया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में लाइनमैन हैं। ऐसे में बड़ी रकम की बचत होती है।