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होम आइसोलेशन में नहीं रहेंगे कोमार्बिड वाले बच्चे

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होम आइसोलेशन में नहीं रहेंगे ‘कोमार्बिड’ बच्चे
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तीसरी लहर के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे चिकित्सक, स्टॉफ नर्स
बड़ों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं अब बंद कर दी गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए सामान्य इलाज से लेकर वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध कराने तक की व्यवस्था होगी। व्यापक स्तर पर इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। साथ ही कोमार्बिड (कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर रुप से बीमार होने वाले) बच्चे होम आइसोलेशन में नहीं रहेंगे। ये बातें सीएमओ संदीप चौधरी ने कहीं। वे बुधवार को एमसीएच विंग में आयोजित चिकित्सकों, नर्सिँग आफिसरों के दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि समय के साथ इलाज में व्यापक बदलाव हुआ है। दवाओं में परिवर्तन किया जा रहा है। प्रशिक्षक डॉ. आशीष अग्रहरि ने कहा कि इस कार्यक्रम में चिकित्सकों और स्टॉफ को कोरोना से निपटने के लिए तैयार करना है। शासन की ओर से कोविड प्रबंधन व इलाज का नया माड्यूल जारी किया गया है। बड़ों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं अब बंद कर दी गई हैं। बच्चों की माइल्ड कैटेगरी में एंटी बायोटिक की आवश्यकता नहीं होगी। कहा कि कोमार्बिड व गंभीर दशा वाले बच्चों में अगर कोविड के लक्षण हैं तो उसे होम आइसोलेशन में कदापि न रखें। 94 प्रतिशत से ज्यादा आक्सीजन लेवल वाले बच्चों को ही होम आइसोलेशन में रखने की सलाह दें। प्रशिक्षक डॉ. संजय चौधरी ने कहा कि पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेंट के बल पर कोविड की तीसरी लहर का सामना कामयाबी के साथ किया जा सकता है। सभी को वेंटिलेटर, नेबुलाइजेशन, ऑक्सीजन कंसंनट्रेटर के इस्तेमाल आदि के बारे में प्रायोगिक जानकारी दी गई। बतौर प्रशिक्षक नर्सिंग आफिसर संदीप उपाध्याय और अमेरिका यादव ने भी कई बिंदुओं पर अहम जानकारी दी। इस मौके पर जिला अस्पताल के डॉ. अवधेश, डॉ. संजय कुमार, नर्सिंग आफिसर सुषमा शर्मा, सुषमा मौर्या और अन्य चिकित्सकों, कर्मियों की उपस्थिति रही।
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