मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चार माह पहले लगाए थे 30 कंप्यूटर
साफ्टवेर और ऑपरेटर के इंतजार में अटका है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की जांच और दवाइयों का रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाया है। ओपीडी में 30 कंप्यूटर लगाए गए हैं, लेकिन चार माह बाद भी उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। साफ्वेयर के इंतजार में डॉक्टर की लिखी दवाइयां ऑनलाइन नहीं नजर आ रही है।
नेशनल मेडिकल कमीशन के नियम के अनुसार, ओपीडी व भर्ती मरीजों की जांच व दवाइयों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होना चाहिए ताकि कंप्यूटर में मरीज की यूनिक आईडी में उसकी बीमारियों और इलाज की पूरी जानकारी उपलब्ध हो। जिला अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो रहा है, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर मरीज के पर्चे पर हाथ से ही दवा और जांच लिख रहे हैं। प्रतिदिन 1000 से 1400 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार कंप्यूटर लगाए जाने के बाद साफ्टवेयर प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण डॉक्टर ऑनलाइन माध्यम का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत सभी मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। ओपीडी में डॉक्टर मरीज की यूनिक आईडी में दवा और जांच लिखेंगे। मरीज दवा काउंटर पर जाएगा और उसे दवा मिल जाएगी तो दवा पेंडिंग नहीं दिखेगी। इसी प्रकार जांच में भी मरीज अपनी यूनिक आईडी दिखाएगा तो कंप्यूटर के माध्यम से ही लैब या, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेंटर को पता चलेगा कि कौन सी जांच करनी है। फिर रिपोर्ट भी उसी आईडी में ऑनलाइन दिखेगी।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि ओपीडी में कंप्यूटर लगा दिए गए हैं। साफ्टवेयर प्राप्त होते ही ऑनलाइन माध्यम शुरू किया जाएगा। हालांकि, ऑपरेटर मिलेंग या डॉक्टर की कंप्यूटर में दवा लिखेंगे, इसकी गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई है।