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-मेडिकल कॉलेज के दो बाबुओं के भिड़ने का मामला
-मेस का चार्ज बदलने पर कॉलेज में गरमाया माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेस में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मेस का चार्ज बदलने के बाद दो बाबुओं के भिड़ने के मामले में जांच समिति बना दी गई है। इस मामले में दोनों बाबुओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एवं जिला अस्पताल में पदस्थ लिपिक अरविंद कुमार सिंह एवं लिपिक का कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मी अभिलाष श्रीवास्तव मेस संचालन के मामले में सोमवार को आमने-सामने हो गए। दोनों में हाथापाई हुई तो इस मामले की जांच शुरू हुई है। सूत्रों के अनुसार पहले भी दोनों बाबुओं के बीच कहासुनी हो चुकी है, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मेडिकल कॉलेज में चर्चा है कि दोनों बाबुओं की कॉलेज की व्यवस्थाओं में गहरी पैठ है। हालांकि, जांच के बाद ही तय होगा कि कौन दोषी हैं? इस मामले में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि जांच समिति गठित कर दी गई है।
दोनों बाबुओं से की गई पूछताछ
मेडिकल कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने मंगलवार को दोनों बाबुओं से पूछताछ की और आपस में नहीं लड़ने की चेतावनी दी। इस मामले में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने जांच समिति बना दी है। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। दोनाें ने एक दूसरे पर मेस संचालन के अलावा अन्य मामलों में भी वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। जांच समिति के सामने आरोप के साक्ष्य सही साबित हुए तो कार्रवाई हो सकती है।
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सवाल उठे तो चखा स्वाद
मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल के वार्डन डॉ. हस्मतुल्लाह ने मंगलवार को मेस में जाकर ठेकेदार को गुणवत्ता सुधारने की चेतावनी दी। उन्होंने भोजन का स्वाद भी चखा। हालांकि उनके आते ही मेस में मेडिकल छात्र-छात्राओं में चर्चा रही कि बवाल हुआ तो गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस मामले में मेस संचालन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. विष्णु ने बताया कि मेस में भोजन की गुणवत्ता खराब होने के मामले में किसी छात्र-छात्रा ने शिकायत नहीं की है, जबकि मेस में 3700 रुपये प्रति माह भुगतान के बावजूद भोजन की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। दो माह में 30 से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राओं ने मेस का भोजन बंद कर दिया, जबकि एमबीबीएस के तीन बैच में 300 छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया गया है।