उत्तर प्रदेश ग्रामीण रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष कुलदीप दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को नियमितीकरण की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया था।
जिसके लिए मुख्य सचिव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। पहली बैठक भी हो चुकी है और इसी क्रम में तीन मई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होनी है। यदि पक्ष में निर्णय नहीं लिया गया तो 16 मई को लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा।
इतना ही नहीं ब्लॉकों पर तालाबंदी की जाएगी और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जिला संयोजक राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि सपा मुखिया ने चुनाव के समय भी वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद रोजगार सेवकों को नियमित किया जाएगा।
वादे के क्रम में मुख्यमंत्री ने पहल की है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि निर्णय रोजगार सेवकों के पक्ष में होगा। जिला उपाध्यक्ष मनोज पांडेय ने कहा कि जिले में कुछ अधिकारी मनमाने रूप से काम कर रहे हैं और शिकायतों के बाद भी उनकी कार्यशैली में परिवर्तन नहीं हो रहा है।
ऐसे अधिकारियों की शिकायत अब उच्च स्तर पर की जाएगी। धरने में मनोज कुमार, सुरेंद्र पांडेय, मुरारी सिंह, राम प्रकाश मिश्र, अजय यादव, अखंड सिंह, सदानंद यादव, पे्रम लक्ष्मी, संजू देवी, संगीता, सुनीता, साधना, रेखा, अंजना तिवारी, प्रदीप कुमार चौधरी, अभय शंकर, परशुराम पांडेय, आशीष पांडेय, आलोक पांडेय, संगीता, उर्मिला देवी, अमर, अमित श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, शिव कुमार, राजकुमार चौधरी, सोनू कुमार आदि शामिल थे।