सिद्धार्थनगर। पंचायती राज विभाग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत तैनात एक संविदाकर्मी द्वारा प्रति माह प्रत्येक ग्राम पंचायत से 1500 वसूली करने का मामला सामने आया है। उपनिदेशक पंचायती राज बस्ती हरिकेश बहादुर ने जिले में पहुंचकर जांच की। सभी पक्षों का बयान लिए गए साथ ही मामले में एक सप्ताह के अंदर उनके कार्यालय में उपस्थित होकर किसी प्रकार के बयान, तथ्य या दस्तावेज देने के लिए समय निर्धारित किया गया है। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव से सांसद जगदंबिका पाल की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच से विभाग में हड़कंप मचा है।
सांसद जगदंबिका पाल ने प्रमुख सचिव पंचायत राज को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 15 वर्ष से इसी जिले में एक संविदा कर्मी तैनात है। कुछ ग्राम प्रधान द्वारा सांसद से शिकायत की गई कि उक्त संविदाकर्मी अपने पद और दायित्व का निर्वहन न करते हुए शिकायती पटल देखता है। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रधानों से प्रति माह 1500 रुपये की अवैध वसूली की जाती है। प्रति माह धन देने में असमर्थता व्यक्त करने वाले ग्राम प्रधानों की जांच करवाने की धमकी देते हैं, जिससे प्रधानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने कहा कि उक्त संविदाकर्मी के इस कार्य से सरकार की छवि खराब हो रही है। ऐसी दशा में उक्त संविदाकर्मी का स्थानांतरण किसी अन्य जनपद में करते हुए नियमानुसार जांचकर कार्रवाई किया जाना जनहित में आवश्यक है। उनकी शिकायत प्रमुख सचिव पंचायती राज आनंद कुमार के निर्देश पर विशेष सचिव पंचायती राज राजेश कुमार त्यागी ने उप निदेशक पंचायत राज बस्ती को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही उन्हें जांचकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मामले में जांच करने पहुंचे उप निदेशक पंचायती राज बस्ती हरिकेश बहादुर ने डीपीआरओ कार्यालय कर्मियों, ग्राम सचिवों व एडीओ पंचायत से पूछताछ व बयान लिया गया।
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एडीओ पंचायत की तैनाती के मामले में भी हो रही जांच
बीते दिनों जिले में तैनात एक एडीओ पंचायत के गृह तहसील में तैनाती की शिकायत हुई थी। इस मामले में विभागीय जांच चल रही है। उक्त एडीओ पंचायत पर पिछले कई वर्षों से अपने गृह तहसील में ही ग्राम सचिव रहने के साथ ही प्रोन्नति के बाद एडीओ पंचायत के पद पर कार्य करने का आरोप लगाते हुए जांचकर कार्रवाई करते हुए स्थानांतरण की भी मांग की गई थी। मामले में डीपीआरओ की ओर से संबंधित एडीओ पंचायत से संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है।
सांसद की शिकायत पर उच्चाधिकारियों निर्देश पर धन उगाही से संबंधित मामले की जांच की जा रही है। इसके तहत एक सप्ताह तक हमारे कार्यालय में किसी भी दस्तावेज, बयान प्रस्तुत कर सकते हैं। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- हरिकेश बहादुर, उप निदेशक पंचायती राज बस्ती व जांच अधिकारी