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सह समन्वयक का वेतन रोका

Sat, 20 Feb 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
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बोर्ड परीक्षा ड्यूटी को लेकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसर आमने-सामने दिख रहे हैं। विभागों में सामंजस्य न होने का खामियाजा शिक्षक भुगत रहे हैं। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए डीआईओएस जहां प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को ड्यूटी पर पहुंचने का निर्देश दे रहे हैं, वहीं बीएसए ने ड्यूटी देने वाले सह समन्वयक का वेतन रोक दिया है। इसके पीछे उन्होंने शासनादेश का हवाला दिया है।
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18 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा को सकुशल और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षकों के अलावा बड़ी संख्या में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

इन शिक्षकों को कहीं कक्ष निरीक्षक बनाया गया है तो कहीं आंतरिक सचल दस्ते में शामिल किया गया है। परीक्षा शुरू होने के बाद से ही कई शिक्षक इस ड्यूटी में लगे हुए हैं। जिम्मेदारी तय होने के बावजूद केंद्र पर न पहुंचने वाले शिक्षकों को ड्यूटी पर उपस्थित होने के लिए डीआईओएस सोमारु प्रधान लगातार दो दिनों से बीएसए को पत्र भेज रहे हैं।
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इस बीच शनिवार को बीएसए ने बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी कर रहे लोटन के सह समन्यवक विनय कांत मिश्रा पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

वेतन पर रोक संबंधी आदेश में बीएसए अजय कुमार सिंह ने लिखा है कि प्रदेश सरकार के 1 फरवरी को जारी शासनादेश में अनिवार्य विषयों की परीक्षा में जरूरत पड़ने पर ही ड्यूटी दिए जाने, दो शिक्षक वाले विद्यालय की ड्यूटी न लगाने, बीएसए के प्रस्ताव के बाद ही ड्यूटी लगाने का उल्लेख है।

इसके बावजूद लोटन के सह समन्वयक विनयकांत मिश्र परीक्षा ड्यूटी दे रहे हैं। इसे लापरवाही मानते हुए उनके वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाते हुए स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें।

साथ ही बोर्ड परीक्षा में लगाई गई ड्यूटी व कार्य मुक्त आदेश की प्रति भी उपलब्ध कराएं। बीएसए की इस कार्रवाई के बाद परीक्षा ड्यूटी कर रहे अन्य शिक्षकों में भी भय बन गया है। वह परीक्षा ड्यूटी से कन्नी काटने लगे हैं।

दूसरी तरफ परीक्षा सकुशल कराने के लिए डीआईओएस ने परीक्षा कार्य को सरकारी सेवा का हिस्सा बताते हुए जिम्मेदारी लेने वाले शिक्षकों को ड्यूटी पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। दोनों विभागों में सामंजस्य के अभाव से शिक्षक पसोपेश में हैं।
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