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सिद्धार्थनगर महोत्सव: CM योगी आदित्यनाथ ने दिया विकास और मानवता का संदेश, DCM पवार के निधन पर जताया शोक

Wed, 28 Jan 2026 02:11 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर

सार

 मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वोत्तम कृति है और मानवीय गरिमा, सुरक्षा व समानता का भाव समाज को आगे बढ़ाता है। उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कपिलवस्तु, गया, सारनाथ और श्रावस्ती से उनका संदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।
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सिद्धार्थनगर महोत्सव में सीएम योगी - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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भगवान बुद्ध की पावन जन्मभूमि सिद्धार्थनगर में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष और इटवा के विधायक कमाता प्रसाद पांडेय तथा सांसद जगदंबिका पाल भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह भूमि केवल ऐतिहासिक महत्व की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को करुणा, मैत्री और मानव गरिमा का संदेश देने वाली पवित्र धरती है। उन्होंने जनपदवासियों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वोत्तम कृति है और मानवीय गरिमा, सुरक्षा व समानता का भाव समाज को आगे बढ़ाता है। उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कपिलवस्तु, गया, सारनाथ और श्रावस्ती से उनका संदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।

विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के योजनाओं को लागू कर रही है। राशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। यही समग्र और सतत विकास की अवधारणा है, जिसे रामराज्य की आधुनिक संकल्पना कहा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर की कनेक्टिविटी, नेपाल से अंतरराष्ट्रीय संपर्क, कपिलवस्तु में विपश्यना केंद्र और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया। उन्होंने पिपरहवा से जुड़े भगवान बुद्ध के अवशेषों और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का भी उल्लेख किया।

स्थानीय विकास को रेखांकित करते हुए उन्होंने तालाबों के पुनर्जीवन, जल संरक्षण और ‘काला नमक चावल’ को वन जिला, वन उत्पाद योजना के तहत वैश्विक पहचान दिलाने की आवश्यकता बताई। शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही विकसित भारत की नींव है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर महोत्सव उपद्रव नहीं, बल्कि उत्सव का प्रतीक है, जो समाज को आशा, एकता और प्रगति की दिशा में आगे ले जाएगा।
 
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