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सीएम साहब, कभी इधर भी आइए...

Thu, 23 Mar 2017 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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जिला अस्पताल में बंद रहा चिकित्सक का कमरा। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल प्रशासन पर सीएम की हनक बेअसर है। सत्ता बदलने के बाद भी यहां व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। ओपीडी में डॉक्टरों की लेटलतीफी कायम है। यह सच गुरुवार को तब सामने आया जब जिला अस्पताल में अमर उजाला की टीम पड़ताल करने पहुंची। नौ बजे तक कई डॉक्टरों के चेंबर की कुंडी खुल रही थी तो कहीं सफाई चल रही थी। जिला अस्पताल की ओपीडी में केवल नेत्र रोग व बाल रोग विशेषज्ञ ही समयबद्ध थे। खुद सीएमएस समय से अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन अन्य चिकित्सक नदारद थे।
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सुबह आठ बजने के साथ ही ओपीडी में मरीजों का आना शुरू हो गया था। साढ़े 8 बजे तक केवल नेत्र चिकित्सक का केबिन खुला था। अन्य डॉक्टरों के केबिन बंद मिले, जबकि कक्ष के सामने मरीज इंतजार में खड़े थे। सुबह पौने नौ बजे तक दस मरीजों की पर्ची कट चुकी थी। करीब 8.50 बजे डॉ. एके झा का केबिन खुला तो मरीजों को लगा कि डॉक्टर साहब आ गए, लेकिन एक व्यक्ति आनन-फानन में कमरे को खोलकर यह कहते हुए निकल गया कि जल्द ही डॉक्टर साहब पहुंच रहे हैं। बढ़नी से अपने बच्चे राजन के कान का इलाज कराने पहुंची रेखा ने कहा कि अस्पताल खुलने के बाद ही पहुंच गई थी, लेकिन डॉक्टर साहब नहीं पहुंचे। जोखवलिया गांव से पोते संजय के कान का इलाज कराने आई कलावती ने कहा कि पर्ची बहुत पहले कटवा लिया था, पर डॉक्टर साहब का पता नहीं था। सुबह आठ बजे ही अस्पताल खुल जाता है, पर नौ बजे गए हैं अभी तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। यही स्थिति डॉ. अनु मोदी के कक्ष की भी रही। फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुभाष यादव, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएल पटेल का भी केबिन बंद रहा।
दवा वितरण केंद्र नौ बजे तक बंद था। आयुष चिकित्साधिकारी का भी कमरा बंद मिला। न केबिन का ताला खुला था न ही खुद पहुंचे थे। 9.15 बजे तक चिकित्सकों के केबिन नहीं खुले। जबकि सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी खुलने का समय निर्धारित है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि चिकित्सक समय से नहीं बैठ रहे हैं तो यह गलत है। उन्हें चेतावनी दी जाएगी। अगर उसके बाद भी कोई लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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