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Siddharthnagar News: फटाफट जांच का दावा बेकार, केमिकल नहीं कैसे हो खून जांच

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- जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 52 प्रकार की जांच के लिए लगाई गई है हेल्थ एटीएम मशीन

- अधिकांश मशीनों में तकनीकी खराबी और कहीं नहीं है केमिकल, मरीजों को बाहर करानी पड़ती है जांच

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और जांच सुविधा मुहैया कराने का दावा जनपद में खोखला साबित हो रहा है। एक बार ब्लड सैंपल देने पर फटाफट 52 प्रकार की जांच रिपोर्ट देने की बात बेमानी साबित हो रही है। क्योंकि जांच के लिए लगी अधिकतर हेल्थ एटीएम मशीन में कहीं केमिकल की कमी है, तो कहीं मशीन खराब होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है।
बुधवार को चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पड़ताल में चारों जगह मशीन ठप मिलीं। जवाब मिला कि केमिकल नहीं है। कहीं चार माह से केमिकल नहीं है, तो कहीं छह माह से। इसके बावजूद जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का दावा कर रहे हैं। एक रिपोर्ट जांच व्यवस्था से जुड़ी।
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एक रिपोर्ट क्या है हालत
भारतभारी। सीएचसी बेवां में लगी हेल्थ एटीएम मशीन आने के बाद शुरू ही नहीं हुई। वर्ष 2022 में लगी मशीन अस्पताल आने वाले मरीजों को मुंह चिढ़ाती नजर आती है। क्योंकि यह चलती ही नहीं है। मरीजों को जांच बाहर से कराना मजबूरी बनी है। बुधवार को इलाज के लिए पहुंचे क्षेत्र के खरगौला निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि अपने इलाज के लिए मैं दो बार सीएचसी बेवां आया। जहां डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा तो हमने अस्पताल में लगे हेल्थ एटीएम रोबो मशीन के कमरे में गया। वहां तैनात लैब टेक्नीशियन ने बताया कि यह मशीन खराब है। आप बाहर से जांच कराइए। बाहर निजी पैथालॉजी पर दो हजार रुपये जांच के लिए देने पड़ो।

मशीन में तकनीकी खराबी के कारण लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायत कर दी गई है। पुणे से इंजीनियर आएंगे तभी बनेगा।

-डॉ. विकास चौधरी, अधीक्षक
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दो माह से खराब चल रही मशीन

खेसरहा। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए लगे सीबीसी में रिजेंट न होने से लगभग दो माह से मशीन बंद है, जिससे मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। इलाज के लिए आए करमा निवासी राम सागर ने बताया कि मुझे प्लेट लेट की जांच करानी थी। यहां आने पर पता चला कि जांच मशीन में केमिकल नहीं है। इसलिए सीबीसी मशीन बंद है। अब बाहर से करवाएंगे।

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हेल्थ एटीएम खराब, बाहर से कराते हैं जांच

लोटन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन में दो वर्ष से हेल्थ एटीएम मशीन लगने के बावजूद मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे एटीएम मशीन सिर्फ दिखावे के काम में ही आ रही है। जिस आशा के साथ सरकार ने हेल्थ एटीएम मशीन को अस्पताल में लगवाई, वह कभी ठीक से चल नहीं पाई, जिससे मशीन से 52 तरह की होने वाली जांच प्रभावित हो रही है। जबकि शुरू में मशीन से प्रतिदिन लगभग दस से पंद्रह लोगों की जांच हो रही थी। इलाज के लिए सिंगरहा निवासी जमालुद्दीन ने कहा कि सीएचसी बनने से हम लोगों में आस जगी थी, कि एटीएम मशीन लगने पर हम लोगों को लाभ होगा, लेकिन जब मशीन ही खराब रहेगी तो क्या लाभ जनता को होगा।
सुसुनहा निवासी तुलसी ने बताया कि मेरा तबीयत खराब है, जिसमें तीन चार तरह की जांच करानी थी, लेकिन पर्ची लेकर जब एलटी के पास पहुंचे तो जानकारी हुई कि मशीन नहीं चल रही है। निराश होकर मैंने प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच कराकर दवा ली। साथ ही अल्ट्रासाउंड कराया, जिसका पांच सौ रुपया देना पड़ा। अगर अल्ट्रासाउंड मशीन अस्पताल में लग जाती तो हम जैसे गरीबों को लाभ मिलता।
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चार माह से बंद है मशीन, बाहर से करा रहे जांच

शोहरतगढ़। स्थानीय सीएचसी की हेल्थ एटीएम मशीन चार महीने से खराब है। लगभग 10 प्रकार की जांच एटीएम मशीन से की जा पा रही है। सीएचसी के पैथालॉजी में मलेरिया, हीमोग्लोबीन, एचबीवनसी, डेंगू, एचआईवी सहित नाॅर्मल खून सहित 10 प्रकार की जांच लैब के की जा रही है। गंभीर मरीज की पहचान के लिए बाहर की पैथालॉजी में जांच के लिए मरीज भेजे जा रहे है। लैब टेक्नीशियन में बताया कि हेल्थ एटीएम मशीन दो माह से खराब है, और कई जांच किट भी उपलब्ध नहीं है। मशीन की सर्विस व कैलिबेशन किट की मांग करने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। हेल्थ एटीएम मशीन से 63 प्रकार की जांच की जा सकती हैं। इस मशीन को चलाने के लिए दो टेक्नीशियन चाहिए, जो अभी तक तैनात नहीं हुए हैं।
शोहरतगढ़ सीएचसी में बुधवार को लगभग 250 मरीज ओपीडी में पहुंचे। जहां अस्पताल के पैथालॉजी लैब लगभग 100 मरीजों की खून की जांच की गई। इलाज कराने आईं सुमन, तिलकराम, शेषराम, पंकज, पवन, रामकृपाल, गुजराती देवी, रोशनी, साधना आदि का कहना है कि केवल नॉर्मल खून की जांच सीएचसी में की जा रही है। सीएचसी में लगी हेल्थ एटीएम मशीन अगर चलती तो अन्य गंभीर रोग की जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है। हेल्थ एटीएम मशीन लैब में ताबूत की तरह रखी है। इससे कोई जांच नहीं हो रही है।
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बोले जिम्मेदार

हेल्थ एटीएम मशीन चार माह से खराब है। इसकी सर्विसिंग करवाने, कैलिबेशन किट सहित जांच किट की मांग की गई है। जिस कंपनी ने एटीएम मशीन लगाई है। उससे कई बार मांग की गई है। पैथालॉजी में स्टाप की भी कमी है। उसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया। प्रतिदिन आने वाले मरीजों की अस्पताल में ही जांच की जा रही है।

-डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, सीएचसी अधीक्षक, शोहरतगढ़
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बोले जिम्मेदार

हेल्थ एटीएम मशीन के संबंध में लिखित रूप से सूचना विभाग को दी गई है, वहां से लोग आकर सही करेंगे।

-डॉ. अमित कुमार चौधरी, सीएचसी अधीक्षक लोटन
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