सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के वाणिज्य संकाय में आयोजित शिक्षक अभिभावक सम्मेलन को सम्बोधित करते कुलपति।
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बर्डपुर। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के वाणिज्य विभाग में शनिवार को शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य निर्माण पर चर्चा की गई। अभिभावकों के सुझाव लिए गए, शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को लेकर अपने अनुभव बताए। विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा का भाव जगाते हुए समाज में अलग पहचान बनाने के लिए उनका व्यक्तित्व निखारने पर जोर दिया गया।
कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। शिक्षक-अभिभावकों के सहयोग से ही इसे मूर्त रूप दिया जा सकता है। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के साथ उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित करने लायक बनाना है। अभिभावक भी बच्चों पर निगरानी रखें, क्योंकि बच्चे ज्यादा समय उन्हीं के साथ बिताते हैं। बच्चों को सुख-सुविधा दें, लेकिन उनकी पढ़ाई पर भी नजर रखें। अगर कोई कमी दिखे तो शिक्षक को बताने में न हिचकें।
बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक के साथ ही साथ शिक्षक भी चिंतित होते हैं। उन्होंने इस सम्मेलन के आयोजन का मकसद बताते हुए कहा कि दोनों के आपसी तालमेल से ही बच्चों का भविष्य निखारा जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मिश्र व संचालन सहायक प्राध्यापक शिवम शुक्ला ने किया। इस दौरान डॉ. दिनेश प्रसाद, हरिप्रकाश मिश्र, दिलीप चौधरी, चंद्रभान चौधरी, सहाबुद्दीन, अदालत प्रसाद, मनोज जायसवाल, अश्वनी तिवारी, बिकेंद्र कुमार, सितरुनिशा, मीना सिंह, ऊषा, माया देवी, पुजारी, डीएन गुप्ता, दिलीप चौधरी, हदयराम आदि मौजूद रहे।