-परंपरागत ढंग से मनाया गया चेहल्लुम
-सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान रहे मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिस्कोहर। मोहर्रम का चेहल्लुम का मेला नगर पंचायत बिस्कोहर के पश्चिम गणिकाओं के मोहल्ले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। कर्बला में आधा दर्जन की संख्या में ताजिए ठंडा कर अकीदतमंदों ने शिरनी चढ़ा कर अमनो अमान की दुआ मांगी। मेले में उमड़ी भीड़ दुकानों पर खरीददारी करती रही।
रविवार रात को नगर के पश्चिम टोले में रखे गए ताजियों का जुलूस सोमवार दोपहर तीन बजे निकला जो परंपरागत रास्तों से भ्रमण करते हुए रात सात बजे के करीब नगर के पश्चिम व दलपतपुर स्थित कर्बला पहुंचा। कर्बला मैदान में बने चौक पर ताजिया रख कर फातिहाख्वानी के बाद ठंडे कर दिया गया। सुरक्षा की दृष्टि से थानाध्यक्ष त्रिलोकपुर विजय शंकर सिंह, चौकी प्रभारी बिस्कोहर मनोज कुमार सिंह जवानों के साथ लगे रहे।
टोले की अनीता व रमजानी ने बताया कि इस्लामिक वर्ष के पहले माह मोहर्रम की दस तारीख को कर्बला की जंग में नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन को शहीद कर दिया गया था। फातिमा के लाल की खता ये थी कि उन्होंने जालिम के हाथ पर बैयत नहीं की। जुल्म और जब्र के आगे सिर कटाना गंवारा किया, लेकिन सर झुकाना नहीं। उनकी शहादत की याद में मोहर्रम से लेकर एक माह, दस दिन पूरा होने पर चेहल्लुम का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर अनीता, रमजानी, पप्पू, मंजू, पप्पी, नानबच्चा, अनवर अंसारी, राजा अंसारी, इश्तियाक, आरिफ, शालू व अन्य मौजूद रहें।