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बिजली अव्यवस्था पर भड़के लोग

Sun, 11 Sep 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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शहर के एक लाॅज में बैठक करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। लंबे समय से बिजली अव्यवस्था झेल रहे नगर के रेलवे लाइन पार इलाके के बाशिंदे अब आक्रामक मूड में है। पुराने तार और जर्जर पोल के कारण लोकल फाल्ट के नाम पर आए दिन हो रही कटौती और लो वोल्टेज आपूर्ति की बार-बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई न होने से क्षुब्ध लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। रविवार को स्टेशन रोड, इंदिरानगर, पूरब पड़ाव मोहल्ले के लोगों ने एक लॉज में संयुक्त बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बिजली विभाग को अंतिम मोहलत देते हुए कहा कि व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वह स्टेशन रोड को जाम करने को बाध्य होंगे। बुधवार को डीएम से मिलकर अपनी व्यथा कहेंगे।
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बैठक में मोहल्लावासियों ने कहा कि रेलवे लाइन के दोनों तरफ स्थित क्षेत्रों मेें विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था अलग-अलग है। मुख्यालय फीडर से जुड़े एक तरफ के लोगों को पर्याप्त बिजली मिल रही है, जबकि दूसरे तरफ आपूर्ति व्यवस्था गांवों जैसी है। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। इससे बराबर हादसे की आशंका रहती है। कई बार ऐसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। विभाग के अफसर इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उपभोक्ता हर माह हजारों रुपये बिजली का बिल भरते हैं, मगर आपूर्ति का कोई लाभ नहीं ले पाते।
अब इसे और नहीं सहा जाएगा। वर्षों से बनी इस समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बुधवार को वह इस संबंध में डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद भी समस्या हल न हुई तो पूरे स्टेशन रोड को जाम कर आवागमन ठप कर दिया जाएगा।
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बैठक में संजय सिंह, अजय सिंह, विजय कुमार पांडेय, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय कसौधन, सुधीर कुमार सिंह, बंटी सिंह, उदय प्रताप सिंह, विनीत श्रीनेत, विक्रमादित्य गुप्ता, रामेश्वर सिंह, संजीव सिंह, एसएन सिंह, अमित सिंह श्रीनेत, फतेह बहादुर सिंह, चीनक यादव सहित विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक व संचालक मौजूद रहे। अध्यक्षता सरदार चड़त सिंह ने किया। बिजली विभाग के एक्सईएन घनश्याम मिश्र ने बताया कि लाइन उस पार की समस्या कई वर्षों से चली आ रही है।
स्थाई समाधान तभी होगा, जब नया उपकेंद्र बनेगा। रही बात जर्जर तार-पोल बदलने की तो इसके लिए एसडीओ-जेई को निर्देशित एस्टीमेट बनाने को निर्देशित किया गया है। व्यापार विकास निधि से प्रस्ताव अनुमोदित होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। 
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