टीम ने बढ़नी ब्लॉक के स्कूलों का निरीक्षण किया।
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की हकीकत जाने आई केंद्रीय स्वास्थ्य एवं शिक्षा समिति की टीम बढ़नी ब्लॉक के स्कूलों की स्थिति देखकर हतप्रभ रह गई। टीम को यहां अच्छाइयां कम खामियां ज्यादा मिलीं।
शुक्रवार को डॉ. एके तिवारी के नेतृत्व में टीम में शामिल डॉ. एसपी सिंह और अशोक विष्ट ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय खरिकौरा पहुंचे। यहां प्रधानाध्यापक परमवीर सिंह अनुपस्थित मिले। ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ साल से विद्यालय में एक भी बच्चे नहीं हैं और प्रधानाध्यापक बीईओ बढ़नी के वाहन चालक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बाद टीम प्राथमिक विद्यालय चंदवा पहुंची। वहां भी प्रभारी परमवीर सिंह ही हैं। सहायक अध्यापक मंजूलता गुप्ता, दिवाकर कांत मिश्र व सतीश चंद्र ने टीम को बताया कि लकड़ी चोरी हो जाने के कारण भोजन नहीं बन पा रहा है।
बच्चों के अनुसार पिछले शनिवार से ही मिड-डे-मील नहीं बना है। यूनिफार्म भी नहीं मिली है। नामांकित बच्चों में कक्षा पांच में 25, चार में 51, तीन में 26, दो में 11 व एक में तीन हैं, जबकि जांच में केवल 15 बच्चे ही मिले।
प्राथमिक विद्यालय इमिलिया सुमाली पहुंची। यहां प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रेमचंद्र भाष्कर मिले। स्कूल 60 बच्चों का नामांकन है, जबकि मौके पर बारह बच्चे मौजूद मिले। सहायक अध्यापक मुरलीधर व पूजा त्रिपाठी मौजूद मिले। बच्चों ने बताया कि पिछले पंद्रह दिन से भोजन नहीं बना है। ड्रेस भी नहीं बंटी है। जैसे ही टीम पहुंची उसके कुछ ही देर बाद टीम के सदस्य के पास एक फोन आया। खुद को पड़ोसी जनपद के एक कैबिनेट मंत्री का पीए बताते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ कोई रिपोर्ट न करने की हिदायत दी।
पूमावि चंदवा में नैपकीन पेपर व आयरन की गोली नहीं मिली। पूमावि मोहनकोला में कुल 97 में 62 व प्राथमिक में 163 बच्चों में से 125 मौजूद मिले। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनकोला में 11 नामांकित छात्राओं में छह उपस्थित थी। इंचार्ज मीना गुप्ता बैंक गईं थी। वहीं बीईओ बढ़नी जितेंद्र बहादुर चौधरी ने बताया कि गांव के लोगों का आरोप गलत है।