धार्मिक उत्साह के साथ मनाया नाग पंचमी का त्योहार
दूध-लावा चढ़ाकर हुई नाग देव की पूजा, सावन के तीसरे सोमवार को मंदिर में उमड़े भक्त
पारंपरिक रीति रिवाज से बच्चों ने डंडे से गुड़िया पीटकर जश्न मनाया
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सावन माह के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी त्योहार के दिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने दूध व लावा चढ़ाकर नाग देवता की पूजा की। इसके साथ ही बच्चों ने पारंपरिक रीति रिवाज के साथ लकड़ी के डंडे से गुड़िया पीटकर जश्न मनाया। वहीं, गुड़ व चने का प्रसाद वितरित किया गया।
सावन के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धा के साथ लोगों ने दूध व लावा चढ़ाकर नाग देवता की पूजा की। इसके साथ ही शाम को शहर के पेट्रोल पंप तिराहे के पास, थरौली के बेलहिया चौराहा, मुड़िला व बसडिलिया आदि स्थानों पर बच्चों ने गुड़िया पीटकर गुड़ व चने का प्रसाद ग्रहण किया। जिले के पथरा क्षेत्र के मिठवल बाजार में स्थित बाबा मटेश्वर नाथ मंदिर पर नाग पंचमी के अवसर पर शिव भक्तों ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। नागपंचमी त्योहार पर कस्बा निवासी लक्ष्मीनारायण कसौधन द्वारा मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ का कीर्तन कराया गया। पूर्णाहुति पर सोमवार शाम एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण, राम अवतार कसौधन, रमेश चंद्र कसौधन, दिनेश चंद्र कसौधन आदि मौजूद रहे।
भनवापुर क्षेत्र के डोमसरा गांव में स्थित प्राचीन शिवलिंग बाबा डुमेश्वरनाथ मंदिर पर शिव भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया। इस दौरान ग्राम प्रधान वशिष्ठ पांडेय आदि मौजूद रहे। शोहरतगढ़ में डोई नदी के तट पर शोहरतनाथ शिव मंदिर पर नाग पंचमी के पावन पर्व पर भव्य मेले का आयोजन हुआ। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के साथ साथ नाग देवता का दर्शन कर आर्शीवाद ग्रहण किया। शिवभक्तों ने शिव मंदिर में पहुंच कर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। बच्चों ने डोई नदी तट पर इकट्ठा होकर गुड़िया पीटकर जश्न मनाया।