(आंगनबाड़ी केंद्र की फोटो मांगी गई)---
सीडीपीओ नहीं दे रहे 97 आंगनबाड़ी केंद्रों का जवाब
आंगनबाड़ी केंद्रों का चार करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण
कई बार पत्राचार के बाद भी नहीं दे रहे जानकारी
ऑडिट विभाग ने दर्ज करा दी है आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के अंतर्गत 97 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में हुई अनियमितता उजागर होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 14 ब्लॉकों के सीडीपीओ से जवाब मांगा है। लेकिन सीडीपीओ जवाब देने में आनाकानी कर रहे हैं। जबकि इन आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) ने कराते हुए विभाग को हैंडओवर भी कर दिया था। ऐसी स्थिति में सीडीपीओ आंगनबाड़ी केंद्रों के जिम्मेदार हैं। इसकी वजह से उनसे लगातार विभाग पत्राचार कर रहा है।
भारतीय लेखा व परीक्षा विभाग उत्तर प्रदेश प्रयागराज की ओर से इसी साल 10 अप्रैल को जिला कार्यक्रम अधिकारी के नाम आए पत्र में डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत 97 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में अनियमितता की बात दर्शाई गई है। पत्र मिलने के बाद अब तक इस दिशा में जिला कार्यक्रम अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके हैं। इसके पीछे की कहानी जब पता की गई तो जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि इसे लेकर 14 ब्लॉकों के सीडीपीओ को पत्र लिखा गया है। उनसे उनके ब्लॉकों में बने आंगनबाड़ी केंद्र की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। लेकिन सीडीपीओ मामले में जवाब नहीं दे रहे। इसकी वजह से ऑडिट टीम को भी रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है। बताया कि आरईडी ने इन आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराते हुए विभाग को हैंडओवर कर दिया है। ऐसे में जिम्मेदारी संबंधित ब्लॉक के सीडीपीओ की है कि उनकी रिपोर्ट दें। लेकिन सीडीपीओ रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। कहा कि मामले को लेकर डीएम को भी पत्राचार किया जाएगा।
कार्यदायी संस्था ने किया है जमकर गोलमाल
जिले में 2016-17 में आरईडी को 100 और 17-18 में 35 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा यूपीपीसीएल को 2009-16 तक में 676 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की जिम्मेदारी मिली। इनमें यूपीपीसीएल अब तक 560 बना चुका है। इनमें 493 हस्तांरित भी किया जा चुका है। इसके अलावा आरईडी ने अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन तक नहीं कराया है। इसके बाद भी विभाग को केंद्र हैंडओवर कर चुका है। जबकि एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में सात लाख 52 हजार की लागत आती है। बताया जाता है कि आरईडी के एक अधिकारी और लिपिक ने अपने चेहतों को लाभ दिलाने के लिए मनमाने तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया। संबंधित अधिकारी पर सांसद नाराज भी हो चुके हैं।