संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर आपके पास पुराना फोन है और खराब है तो यह खबर आपके लिए काम की है। जाने अनजाने में भी पुराने फोन को फेरी वालों के हाथ ना बेचें, क्योंकि फोन के कई पार्ट और फोन खराब नहीं होते हैं। जिसे फेरी वाले साइबर अपराधियों को बेच देते हैं, वह फोन को कई तिकड़म अपना कर एक्टिव कर लेते हैं। इसके बाद इस फोन के जरिए ठगी का काम करते हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी है।
कॉल आने के बाद व्यक्ति कोई या पता चलता है कि अपना करीबी है, उसी में यह अपराधी ठगी का शिकार बना लेते हैं। इसके साथ ही इस फोन के जरिए अन्य प्रकार के अपराध करते हैं, जांच में पाया जाता है की फोन दूसरे के नाम पर है। जांच में पुराने फोन उपयोगकर्ता का नाम सामने आता है और पुलिस उसकी ही पुलिस पकड़ती है।
इसलिए पुराने फोन को जो हाल ही में किन्हीं कारणों से बंद हुआ है तो उसे फेरी वालों को कतई ना बेचें ऐसा करना आपके लिए बहुत ही घातक हो सकता है। ऐसा साइबर एक्सपर्ट कह रहे हैं। उनका कहना है कि जिस हिसाब से साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ रही है मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। नहीं तो आपकी छोटी सी लापरवाही आपको बड़ी परेशानी में डाल सकती है।
हर माह दर्ज होती है 10 से अधिक साइबर फ्रॉड की शिकायत : आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह लगभग साइबर ठगी के 10 मामले दर्ज किए जाते हैं। इसमें ओटीपी सरकारी योजनाओं के लाभ सहित अन्य माध्यम से लोगों को साइबर्ट अपना शिकार बनाते हैं और गाड़ी कमाई उनके खाते से उड़ा देते हैं। केस दर्ज होने के बाद पुलिस छानबीन करती है और कार्रवाई करती है।