संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धर्थनगर। मौसम में बदलाव और दिवाली का त्योहार पास आते ही घरों में हो रही सफाई के चलते उड़ती धूल दमा रोगियों की सांसें फूला रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में ही रोजाना ऐसे 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीजों काे भर्ती करके ऑक्सीजन देकर राहत दी जा रही है।
चिकित्सकों के मुताबिक, दमा रोगियों की सांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से परेशानी बढ़ गई है। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि दिवाली पर घरों में साफ-सफाई होती है।
सुबह-शाम की ठंड और दोपहर में धूप खिलने से गर्मी हो जाती है। साफ-सफाई या रंगाई-पुताई की वजह से धूल के कण सांस के जरिए फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। सांस मरीजों की सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं।
ी