सजग करने वाले लापरवाह, कैसे देंगे कोरोना को मात
- न तो कोविड हेल्प डेस्क स्थापित हुई, न ही लगा रहे मास्क
- सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल और विकास भवन में भी नियम का उल्लंघन
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति स्वास्थ्य महकमा गंभीर नहीं दिखा रहा है। जिसके कंधे पर दूसरों को सजग करने की जिम्मेदारी है वह खुद बेफ्रिक बना हुआ हैं। सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल और विकास भवन सहित अन्य दफ्तरों में न तो कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की गई है न ही मास्क और सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है।
चीन समेत कई देशों में कोरोना ने कहर बरपा रखा है। खतरे को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से संक्रमण से बचाव के सारे उपाय करने की सलाह दी जा चुकी है। इसके बाद भी स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को कोरोना से बचाव की तैयारियों की पड़ताल की गई तो जो अव्यवस्था और लापरवाही की पोल खुल गई।
सीएमओ कार्यालय में अब तक हेल्प डेस्क स्थापित नहीं हुई है। एक-दो लोग ही मास्क लगाए दिखे। सैनिटाइजर का प्रयोग करता कोई नहीं मिला। न ही किसी टेबल पर सैनिटाइजर दिखा, जिससे कि बाहर से आने वाले अपने हाथ सैनिटाइज कर सकें। कुछ ऐसा ही हाल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में देखने को मिला। यहां प्रतिदिन एक हजार की ओपीडी होती है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ दिखी, लेकिन 20 प्रतिशत लोग ही मास्क लगाए मिले। हेल्प डेस्क नहीं दिखी। पुराना काउंटर बंद हो चुका है। अस्पताल में सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं दिखा।
कलेक्ट्रेट कार्यालय में हेल्प डेस्क की तैयारी चल रही थी। विकास भवन में अभी तक हेल्प डेस्क तैयार नहीं है। बिना मास्क के लोग कार्यालयों में आते-जाते दिखे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि कोविड हेल्ड डेस्क सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही हर जगह व्यवस्था हो जाएगी।
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कोट--
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क और सामाजिक दूरी का पालन बेहद आवश्यक है। घर से मास्क लगाकर ही बाहर निकलें। कोरोना का लक्षण नजर आए तो बिना डरे जांच कराएं। सतर्कता से दूसरों को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।
- डॉ. संजय शर्मा, जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर