हत्या के दो साल बाद प्रधान की बाइक बरामद
पचपेड़वा थाने में लावारिस मिली बाइक, पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
बढ़नी। मधवापुर प्रधान की हत्या के दो साल बाद पुलिस ने बाइक बरामद की है जो घटना से ठीक पहले लेकर निकले थे। हत्यारों ने मौत के घाट उतारने के बाद उनका शव चरगवा नदी के पास दफना दिया था और उनकी बाइक लेकर भाग गए थे। प्रधान के बेटों को पता चला कि उनके पिता की बाइक बलरामपुर के पचपेड़वा थाने में खड़ी है। बेटों ने रविवार को ढेबरुआ थाने पर प्रार्थना पत्र देकर पिता की बाइक दिलाने की मांग की है।
मधवापुर के पूर्व प्रधान राजेश चौधरी 21 मई 2018 को बाइक लेकर घर से निकले थे और लापता हो गए थे। एक पखवाड़े के बाद लोगों ने नदी किनारे कुछ जानवरों को जमीन से मानव शरीर निकालते कर नोचते देखा था। कपड़ों और शरीर के अवशेष अंगों से मृतक की पहचान प्रधान राजेश चौधरी के रूप में हुई थी। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि ग्राम प्रधान जमीन का कारोबार भी करता था, उसके साझेदारों ने ही हत्या करवाई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था लेकिन बाइक बरामद नहीं हुई थी। पचपेड़वा थाना इंचार्ज ब्रजेश सिंह ने बताया उक्त बाइक पचपेड़वा रेलवे स्टेशन के पास 2018 में ही लावारिस मिली थी, थाने में लावारिस में दर्ज कर दिया गया था।
सामने आई पुलिस की लापरवाही
पचपेड़वा थाने की पुलिस ने दो साल पहले स्टेशन के पास बरामद हुए एक लावारिस बाइक कब्जे मेें लेकर थाने में खड़ी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। यदि पचपेड़वा पुलिस लापता बाइक नंबर की जानकारी सिद्धार्थनगर पुलिस को दे देती तो संभव था कि केस और पहले सुलझ जाता।