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Siddharthnagar News: मिठाई खरीदो आज, गुणवत्ता का पता चलेगा एक माह बाद

Sun, 05 Mar 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। खाद्य पदार्थों की खरीदारी में समझदारी नहीं दिखाएंगे तो होली की मिठास सेहत पर भारी पड़ सकती है। कारण कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में समय लगता है। खाद्य सुरक्षा विभाग जो नमूने ले रहा है, उसकी रिपोर्ट एक माह बाद आएगी। तब पता चलेगा कि आप ने जो मिठाई खाई थी, उसकी गुणवत्ता कैसी थी?
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इस त्योहार में खाद्य पदार्थ की मिलावट की जांच के लिए छह टीमें बनाई गई हैं। एक मार्च से शुरू हुआ जांच अभियान छह मार्च तक चलेगा। अब तक 12 नमूने लिए गए हैं, जिसे जांच के लिए भेबा गया है। यह रिपोर्ट होली के बाद आएगी। जबकि जरूरी यह है कि जांच अभियान पहले से शुरू हो, जिससे त्योहार आते-आते मिलावट खोरों पर कार्रवाई हो सके और लोगों को पता चल सके कि जो वह खा रहे हैं, वह सेहत के लिए कितनी फायदेमंद या नुकसानदेह है।
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इन जनपदों से आता है खोआ
जिले में दुग्ध उत्पादन का कोई बड़ा स्रोत्र नहीं है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खोआ और दूध उपलब्ध है। जानकार बताते हैं कि जिले में दुकानदार कानपुर, गोरखपुर और बलरामपुर से खोआ मंगाते हैं। कानपुर के खोआ में बड़े पैमाने पर मिलावट की जाती है। पूर्व में बांसी रोडवेज परिसर से भारी मात्रा में खोआ पकड़ा जा चुका है। विभाग ने उसे नष्ट तो कर दिया, लेकिन इस धंधे में शामिल लोग पकड़े नहीं जा सके।
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नियम का पालन कहीं नहीं
खोआ और उससे बनने वाली मिठाई के अलावा दुकान में नियमित बनाने वाली मिठाई की सही जानकारी के लिए जनवरी 2021 में शासन ने नियम लागू किया है। मिठाई कब बनी और कब तक बिक्री योग्य है? यह सभी दुकानदारों को मिठाई के आगे नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह आदेश केवल कागजों तक सीमित है। दुकानों की पड़ताल की गई तो कई लोगों ने आदेश से अनभिज्ञता जताई।
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इतने समय तक रख सकते हैं यह मिठाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, दूध से बनने वाली मिठाई गर्मी में 24 घंटे तक खाने योग्य रहती है। अगर ठंड का मौसम है तो 36 घंटे तक सेवन कर सकते हैं। वहीं, खोआ की मिठाई एक सप्ताह तक रख सकते हैं। उससे अधिक समय होने पर सेहत के लिए हानिकारक हो जाती है।
इस प्रकार करें मिलावट की पहचान
- खोआ में मिलावट की अधिक आशंका रहती है। इसकी पहचान के लिए थोड़ा खोआ हाथ में लें। उसकी गोली तैयार करें। अगर हाथ चिकना हो रहा है तो समझिए सही है। अगर गोली बनाने पर खुरदुरा है तो मिलावटी है।
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सिल्वर कोट में गड़बड़ी की आशंका
- अगर सिल्वर कोटेड मिठाई खरीदते हैं तो इसमें भी गड़बड़ी होने की आशंका रहती है। इसकी पहचान के लिए मिठाई पर लगी कोट को हाथ में लेकर मलिए, अगर सही है तो हाथ में विलीन हो जाएगा। अगर एल्युमिनियम वाला कोट है तो खुरदुरा हो जाएगा। जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
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डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ लेते समय बरतें सावधानी
खाद्य पदार्थ के पैक कंपनी, उत्पादन और उसके खराब होने की तिथि, उसमें शामिल तत्वों की मात्रा आदि जरूर देखें। अगर पैक पर यह जानकारी नहीं है तो न खरीदें। इसमें मिलावट हो सकती है।
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कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग के आकड़ों के मुताबिक, टीम ने 11 माह में 1300 निरीक्षण किए हैं। इसके अलावा 191 छापा मारा गया। 200 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। 70 नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई। उन दुकानदारों पर 6.88 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। मिलावट पाए जाने वाले अधिकांश नमूने मिठाई और नमकीन के हैं।
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अब तक की कार्रवाई
एक मार्च से शुरू हुए अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डुमरियागंज क्षेत्र में एक साथ पांच दुकानों से नमूना लिया। शुक्रवार को सात दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। यानी चार दिनों के अभियान में 12 नमूने लिए गए। खराब हो चुकी 25 किलो मिठाई नष्ट की गई है।
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वर्जन
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार जांच करती है। समय-समय पर छापा मारकर कार्रवाई भी की जाती है। होली को देखते हुए छह टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं। नमूने लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। -अजय कुमार तिवारी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिद्धार्थनगर

मिलावट से हो जाएंगे बीमार
किसी भी खाद्य पदार्थ में अगर मिलावट है तो वह शरीर पर जरूर कुछ न कुछ दुष्प्रभाव जरूर डालता है। अधिक मिलावटी है तो वह बीमार कर देगा। उल्टी-दस्त के साथ ही आंत में सूजन और अन्य समस्या हो सकती है। इसके लिए कई माह तक इलाज कराना पड़ सकता है। अगर लंबे समय से कोई मिलावटी पदार्थ खा रहें तो गुर्दा खराब हो सकता है इसलिए शुद्धता की परख के बाद ही खाएं। -डॉ. सीबी चौधरी, वरिष्ठ फिजीशियन
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थोड़ी सी जागरूकता से अच्छी रहेगी सेहत
फोटो
होली के त्योहार में थोड़ी सी जागरूकता बरतने से सेहत अच्छी रहेगी। खाद्य सामान की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ बनाने और खाने का तरीका भी अच्छा होना चाहिए।
रसोई में एक बार में उतना ही तेल गर्म करें जिसमें काम हो जाए और तेल न बचे। यदि तेल बच जाता है, उसका उपयोग फिर न करें। ऐसे तेल से बना बैड कोलेस्ट्राल दिल की बीमारी का कारण बन जाता है। गले में जलन और गैस की समस्या हो सकती है। वनस्पति और रिफाइन की तुलना में सरसों का तेल बेहतर होता है। त्योहार में आम तौर पर लोग आवश्यकता से अधिक खा लेते हैं, इससे शरीर में फैट बढ़ जाता है। दूध और दूध से बने सामान के साथ खटाई से बने सामान नहीं खाने चाहिए। इसी प्रकार मांसाहारी भोजन के साथ दूध और दूध से बने सामान को नहीं खाना चाहिए। मांसाहारी भोजन के चार घंटे बाद दूध नहीं खाना चाहिए। इससे पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। -डॉ. रक्षा, सहायक आचार्य, गृह विज्ञान, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु


जिले में इतने स्थानों पर जलेगी होली
सिद्धार्थनगर थाना 154, लोटन 86, उसका बाजार 128, मोहाना195, कपिलवस्तु 98, बांसी 217, खेसरहा 106, जोगिया 99, शिवनगर डिड़ई 105, इटवा 191, मिश्रौलिया, 107, गोल्हौरा 129, शोहरतगढ़ 143, चिल्हिया 114, ढेबरुआ 70, कठेला85, डुमरियागंज 133, त्रिलोकपुर170, पथरा बाजार 83, भवानीगंज 75 सहित जिले में कुल 2488 स्थानों पर होलिका दहन होगा। जहां पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

बाजार में बढ़ी रौनक, खरीदारी में जुटे लोग
होली आठ मार्च को है, लेकिन बाजार में खरीदारी अभी से बढ़ गई है। मिठाई कम, लेकिन किराना की दुकान पर लोगों की भीड़ पहुंच रही है। छोटी बड़ी सभी दुकानों पर लोग दिख रहे हैं। तेल, रिफाइन, मैदा और सूखे फल की लोग खरीद कर रहे हैं। क्योंकि गोझिया में विशेष रूप से सूखे फल का प्रयोग होता है। होली का रंग फीका न पड़ जाए, इसलिए अभी से तैयारी में जुट गए हैं।
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रेलवे स्टेशन रोड पर थम गए वाहनों के पहिए
सिद्धार्थनगर। शहर के रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर दो बजे के बाद जाम लगने लगा। खरीदारी करने गए लोगों की वाहन सड़क पर खड़ी थी और ट्रेन आई तो अचानक सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ गई और लोग जाम में फंस गई। यह सड़क करीब 22 फीट चौड़ी है लेकिन वाहनों के पहिए थम गए थे। इसी रोड पर कपड़ा बाजार है, जबकि रंग पिचकारी की दुकानें भी लग गई हैं।
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