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ध्वस्त होंगे पांच सरकारी अस्पतालों के जर्जर भवन

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पांच सरकारी अस्पतालों के भवन ध्वस्त होंगे
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नौगढ़, उसका, डुमरियागंज, इटवा और भनवापुर भी शामिल
ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट भेजकर नए भवन बनवाने का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में पांच सरकारी अस्पतालों के जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट भेजकर नया भवन बनाने संबंधी प्रस्ताव स्वास्थ्य भवन लखनऊ भेजा है। बरसात में इन अस्पतालों की छत टपक रही है। जल्द ही इन अस्पतालों को नया भवन मिल जाएगा।
जनपद के कई सरकारी अस्पताल जर्जर भवन में चल रहे हैं। बरसात के समय कर्मियों को कार्य करने के साथ ही अभिलेखों के रखरखाव को लेकर मुसीबत खड़ी हो जाती है। छत से प्लास्टर टूटकर गिरने से खतरा की संभावना बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट के आधार पर जिन पांच अस्पतालों के लिए नये भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया हैं, उनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार का ओपीडी भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनवापुर शामिल हैं। वर्ष 1959 में बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ में हल्की सी बरसात होते ही भवन का छत टपकने लगता है। अस्पताल के कमरों समेत पूरे परिसर में जलभराव हो जाता है। स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य करना मुश्किल हो जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज का निर्माण 1905 में हुआ था। काफी जर्जर हो चुका है। इसी प्रकार अन्य अस्पतालों का हाल है।
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नए भवन में बढ़ेंगे बेड, सुविधाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज के नए भवन में सिर्फ 50 बेड का महिला चिकित्सालय का प्रस्ताव भेजा गया है। सामान्य मरीजों के इलाज की व्यवस्था कुछ दूूरी पर स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा में है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ में भी 10 के स्थान पर 50 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव जा चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार के ओपीडी भवन का ध्वस्त कर मीटिंग हाल, रैन बसेरा, एक आवास बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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जर्जर हो चुके अस्पतालों के भवन का ध्वस्त कराकर नए भवन बनाने समेत बेड की संख्या और अन्य सुविधाओं के लिए भी प्रस्ताव बनाकर महानिदेशक लखनऊ को भेजा गया है। बजट प्राप्त होते ही अस्पतालों को ध्वस्त किया जाएगा।
डॉ. संदीप चौधरी, मुख्य चिकित्साधिकारी
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