खतरे का निशान छूने को आतुर बूढ़ी राप्ती नदी
तीन दिन की बारिश से जिले की नदियों में उफान
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश से जिले की नदियां उफान पर हैं। तेजी से बढ़ रही बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा नदियों के जलस्तर से किनारे के लोगों में बाढ़ का भय सताने लगा है। बाढ़ की आशंका से उसका, जोगिया, इटवा, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज क्षेत्र में लोग अभी से सजग होने लगे है।
दो दिनों में 36 घंटे की बारिश से बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर 1.40 मीटर बढ़ गया है। साथ ही कूड़ा नदी के जलस्तर में भी एक मीटर से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा राप्ती, बानगंगा और घोघी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इससे नदी किनारे बसे ग्रामीणों में बाढ़ का भय सताने लगा है।
जोगिया क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित हरिश्चंद्र, रामनेवास और शंभूनाथ का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है, लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष बाढ़ के चलते फसल की नुकसान के कारण अनाज की समस्या हो जाती है। उसका क्षेत्र के हथिवड़ताल, अजिगरा आदि गांव के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि नदियों के बढ़ रहे जलस्तर के साथ ही विभागीय लगातार निगरानी कर रहे है, संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की गई है।
नदी का जलस्तर मीटर में
नदी बृहस्पतिवार शुक्रवार
राप्ती नदी 81.660 81.820
बूढ़ी राप्ती 81.680 83.040
कूड़ा 79.230 79.480
घोघी 83.15 83.25