सिद्धार्थनगर। भाजपा सरकार में बौद्ध धर्म स्थली कपिलवस्तु की अनदेखी की गई, इसकी झलक सरकार के बजट में भी दिखी। जहां अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क समेत विकास कार्य के लिए पर्याप्त बजट आवंटित हुआ, वहीं पूरे विश्व में फैले बौद्ध धर्म स्थल के लिए कोई बजट नहीं दिया गया। ये बातें सपा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने पार्टी कार्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि अगर बौद्ध अस्थि कलश को जिले के कपिलवस्तु स्थित म्यूजियम में रखा जाए तो वहां विदेशी श्रद्धालु आएंगे। जिससे यहां के लोगों की आय में भी वृद्धि होगी। कहा कि जिले में 46.78 लाख क्विंटल धान उत्पादन होता है और सरकारी खरीद मात्र 11 लाख क्विंटल होता है। इससे किसान शेष धान औने-पौने दाम में बाजार में बिक्री करने को मजबूर रहते हैं। यहां तक कि जिले की ओडीओपी कालानमक धान की फसल को बढ़ावा देने के नाम पर शोर मचाने वाली भाजपा सरकार में किसान बेहाल है। कालानमक धान का उत्पादन करने वाले किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे, जिससे वह भी बिचौलियों के हाथों ठगे जा रहे हैं। इसी तरह जिले को ओडीएफ घोषित तो कर दिया गया है, लेकिन कई गांवों में लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इससे प्रशासन के दावे की कलई खुल रही है।
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज तो बन गया, लेकिन सुविधाएं नदारद है। विधायक ने कहा कि शिक्षा की बदहाली का आलम यह है कि उनके गांव में शिक्षक नहीं होने से प्राथमिक स्कूल बंद है। मंडी समिति की सड़कें बदहाल है और शोहरतगढ़ व नौगढ़ क्षेत्र में चोरी समेत अन्य अपराधों की बाढ़ आ गई है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, सपा नेता मणेंद्र मिश्र, सोनू यादव व अब्दुल कलाम सिद्दीकी मौजूद रहे।