शोहरतगढ-बढ़नी मार्ग पर जलभराव हो रही परेशानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
परसा। बौद्ध परिपथ की खराब हालत राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। कई आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन होने के बाद भी नेशनल हाईवे के अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। मानसून करीब आ गया है, ऐसे में लगातार बारिश से नेशनल हाईवे की स्थिति देखकर आवागमन में राहगीर सहमे हुए हैं।
पिछले दिनों हिंदू युवा वाहिनी व समाजवादी पार्टी ने बौद्ध परिपथ की खराब हालत को लेकर विभाग की उदासीनता के विरोध में पदयात्रा व चक्काजाम जैसे कई आंदोलन किया, लेकिन चुनावी वर्ष में लगातार दो दिनों में दोनों संगठनों के प्रदर्शन का कोई असर नहीं हुआ।
क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि दोनों संगठनों की केंद्र व प्रदेश में सरकारें है, बावजूद इनका प्रदर्शन दिखावा है। पीडब्लूडी ने तीन वर्षों से इस मार्ग पर एक गिट्टी भी नहीं डलवाई है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यह बौद्ध परिपथ नेशनल हाईवे के रूप में परिवर्तित हो गया।
इन डेढ़ वर्षों में एनएच की ओर से भी कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। क्षेत्रवासियों ने इस मार्ग के मरम्मत की मांग कई बार किया, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात के दिनों में इस मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
क्षेत्र के राजीव शर्मा ने बताया कि लगभग डेढ़ वर्षों से लिखित शिकायती पत्र के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी सांसद, विधायक व जिले के आला अधिकारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा है। सभी इस मार्ग पर अक्सर आते-जाते हैं, मगर इसकी परवाह किसी को नहीं है।
जिम्मेदारों की कुंभकर्णीय नींद न जाने कब खुलेगी और जनता को खराब मार्ग से मुक्ति मिलेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया गया है। जल्द ही असर दिखने लगेगा।