फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी शिक्षकों को बचाने के आरोप में बीएसए निलंबित

विज्ञापन
निलंबित बीएसए राम सिंह। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विज्ञापन
फर्जी शिक्षकों को बचाने के आरोप में बीएसए निलंबित
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। फर्जी शिक्षकों को बचाने, लापरवाही व समय से काम पूरा नहीं करने के आरोप में बीएसए राम सिंह को अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने निलंबित कर दिया है। नए बीएसए की तैनाती होने तक सीडीओ हर्षिता माथुर को बीएसए का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। राम सिंह के खिलाफ कार्रवाई डीएम की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। उन्होंने दो माह पहले शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
जिले में बीएसए राम सिंह का कार्यकाल विवादों में घिरा रहा है। निजी ड्राइवर की नियुक्ति एक संबद्ध स्कूल में करने के बाद चर्चा में आए बीएसए के खिलाफ डीएम के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या मंडल जांच कर रहे हैं। एडी बेसिक बस्ती ने भी कई मामलों की जांच की थी, जिसमें बीएसए राम सिंह दोषी पाए गए थे। इसके बाद फर्जी तरीके से हुईं नियुक्तियां निरस्त कर दी गई थीं। गिरफ्तार स्टेनो हरेंद्र सिंह ने बीएसए राम सिंह पर फर्जी शिक्षकों को बचाने के नाम पर 10 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। हालांकि उन्होंने आरोपों को निराधार बताकर पल्ला झाड़ लिया था।
विज्ञापन

इससे पूर्व पांच सितंबर को डीएम ने आठ बिंदुओं की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में बीएसए द्वारा दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से न करने और कार्यों को मनमाने तरीके से काम को अंजाम देने की बात कही गई थी। यह भी कहा गया था कि दफ्तर के सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। सहायक अध्यापकों के अभिलेख अस्त-व्यस्त हालत में हैं। साथ ही वे लंबित प्रकरणों की पैरवी में बहाना बनाकर मुख्यालय से गायब रहते हैं। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि शासन ने बीएसए को निलंबित कर दिया है। उनकी जगह सीडीओ को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
---------------
अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों के पदस्थापन में खेल
डीएम की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में नियमों को दरकिनार कर सहायक अध्यापकों का पदस्थापन किया गया। बीएसए को नियमानुसार काम करने को कहा गया, लेकिन वे नहीं माने। इतना ही नहीं जिले के 55 विद्यालयों में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। ये विद्यालय शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे हैं।
----------------------------
चिन्ह्ति फर्जी शिक्षकों पर नहीं की कार्रवाई
डीएम ने रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि चिह्नित फर्जी शिक्षकों को बीएसए राम सिंह बचाने में लगे हुए हैं। काफी दबाव के बाद कुछ ही फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। सहायक अध्यापकों की पदोन्नति का मामला भी लटकाए रखा गया।
विज्ञापन

--------------------
उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी
आरोप है कि बीएसए राम सिंह ने उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति में भी खेल किया है। नियम को दरकिनार कर कोर्ट के आदेश का गलत हवाला देकर शिक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। कोर्ट ने नियुक्ति का आदेेश नहीं दिया था। केवल नियम से कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन एक संगठन के दबाव में बीएसए ने उसी आदेश का हवाला देकर कई उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें