आरईएस, सिंचाई, ड्रेनेज खंड के एक्सईएन, बीएसए, डीपीआरओ समेत जिलाधिकारी ने आठ जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। बिना किसी सूचना के मुख्यालय छोड़ने पर डीएम ने यह कार्रवाई की है।
इन अधिकारियों से तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने को भी कहा गया है। समय से जवाब न देने पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी होगी। रविवार को डीएम ने खुद इन अधिकारियों से फोन पर वार्ता की थी।
इसमें इनका लोकेशन गोरखपुर, बस्ती और लखनऊ पाया गया था। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से मुख्यालय छोड़ने वाले अफसरों में खलबली मच गई है। डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार की ओर से दो माह पूर्व चेतावनी जारी की थी कि बिना किसी पूर्व सूचना के कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
शनिवार-रविवार को बेहद जरूरी न होने पर जिले से बाहर टूर का भी कोई कार्यक्रम नहीं बनाया जाएगा। इन दिनों में अधिकारी जिले में उपस्थित रहेंगे। यह चेतावनी दो माह में कई बार जारी की गई, बावजूद कई अफसर आदत से बाज नहीं आ रहे थे।
अधिकारी जानबूझकर शुक्रवार, शनिवार को जिले से बाहर का टूर बनाते थे, जिससे वह मीटिंग या सरकारी काम के बहाने घर पर छुट्टी बीता सकें। रविवार को जिलाधिकारी ने इसकी पड़ताल के लिए आकस्मिक चेकिंग की। खुद विभागीय अधिकारियों को फोन लगाकर उनका लोकेशन पूछा।
इस दौरान आठ विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों का लोकेशन जिले से बाहर गोरखपुर, बस्ती, लखनऊ मिला। इन्होंने विभागीय मीटिंग या जरूरी काम का हवाला दिया। डीएम ने इस बारे में पूर्व सूचना न देने का सवाल किया तो अफसर कोई जवाब नहीं दे सके।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों के रविवार के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
हिदायत दी है कि तय अवधि में लिखित स्पष्टीकरण नहीं देते तो संबंधितों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए विभागाध्यक्ष को पत्र भेज दिया जाएगा। डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बिना किसी सूचना के मुख्यालय न छोड़ने का लिखित आदेश दिया गया था।
बावजूद कई अधिकारी जिले से गायब मिले। इसे आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता मानते हुए उनका वेतन रोक दिया गया है। अन्य अफसरों को भी हिदायत दी जा रही है कि वह मुख्यालय न छोड़ें।