परसा। बढ़नी ब्लॉक के खड़कुइयां नानकार गांव के उत्तर में रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे डाउन ब्रिज का निर्माण कार्य रविवार को ग्रामीणों ने रुकवा दिया। बाढ़ प्रभावित गांव के लिए डाउन ब्रिज को बड़ा खतरा बताते हुए ग्रामीणों ने हादसों को रोकने के लिए फाटक लगाने की मांग की। जिलाधिकारी को संबोधित पत्र प्रेषित करते हुए चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह डाउन ब्रिज नहीं बनने देंगे।
नौगढ़-बढ़नी रेल रूट पर खड़कुइयां नानकार गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग पर हादसों को रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे डाउन ब्रिज का निर्माण करा रहा है। रेल लाइन के नीचे से बन रहे इस ब्रिज को लेकर ग्रामीण रविवार को लामबंद हो गए। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रोक दिया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह व ग्राम प्रधान मुबस्सिर हुसैन का कहना था कि यह गांव बाढ़ प्रभावित है। बारिश के दिनों में नेपाल से आने वाली बानगंगा नदी व सोतवा नाला में उफान से गांव में पानी घुस जाता है। ऐसे में रेलवे लाइन ही कुछ हद तक बाढ़ का असर रोकने में मददगार होता है।
डाउन ब्रिज बनने से यह सहारा भी छिन जाएगा। नदियों में बाढ़ का हल्का असर आते ही पूरा गांव जलमग्न होगा। इससे भारी तबाही तय है। गांव की सुरक्षा के लिए रेलवे लाइन के नीचे से पुल बनाना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने यहां क्रॉसिंग पर फाटक लगाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने डीएम व रेलवे के उच्चाधिकारियों को भी ज्ञापन प्रेषित कर दिया है। विरोध करने वालों में गांव के रामऔतार, मनोज कुमार, जगनरायन, हरिश्चंद्र मौर्य, रविशंकर, राजू, मुन्नू मौर्य, अकरम, नईमुद्दीन, सैफुल्लाह, विकास जायसवाल, सरफुद्दीन, हमीउद्दीन, रफीक, जन्नतुन्निशा, चंद्रभूषण, श्यामाकांत, इमरान खान, शहाबुद्दीन, बीपत, जगनरायन, बाबुल्लाह आदि शामिल रहे।