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Siddharthnagar News: पुरातात्विक इतिहास में बड़ी भूमिका हो सकती है दोनों सिक्कों की

Tue, 18 Jun 2024 04:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिक्के को लेकर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग व प्राचीन इतिहास के असिस्टेंट प्रोफसर ने दी अहम जानकारी

वार्ड नंबर 13 कृष्णागर के मदारीपुर में नाली में सफाई के दौरान मुगलकालीन चांदी के दो सिक्के को मिले थे

संवाद न्यूज एजेंसी

बर्डपुर। मोहाना थाना क्षेत्र के नगर पंचायत कपिलवस्तु के वार्ड नंबर 13 कृष्णागर के मदारीपुर में नरेंद्र रावत घर के पास नाली में सफाई के दौरान मुगलकालीन चांदी के दो सिक्के शनिवार को मिले थे। सिक्कों पर फारसी में ऊपर औरंगजेब बीच में 1073 हिजड़ी सम्मत और नीचे आलमगीर अंकित है। नगर पंचायत कपिलवस्तु के सफाई कर्मचारियों द्वारा शनिवार को नाली की सफाई करने के दौरान मिले थे। फारसी इतिहासकारों के माने तो एक सिक्का आलमगीर औरंगजेब 1073 हिजड़ी सम्मत में मुल्तान द्वारा जारी किया गया था। जो इस समय पाकिस्तान में में है। दुसरा सिक्के पर फारसी में शाहआलम अंकित है। औरंगजेब के परपोते शाह आलम दितीय लखनऊ से जारी किया गया था। उनके शासन के 11वें वर्ष में जारी किया गया था। दोनों सिक्के का वचन 11रूपा ग्राम था।

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हर गांव में हो रहा है पुरातात्विक सर्वे

बौद्ध क्षेत्र में प्राचीन टीलों की शिकायत के बाद केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने जिले के सभी गांवों में पुरातात्विक सर्वे का आदेश दिया है। सर्वे का कार्य जारी है। हालांकि जांच पुरी होने के बाद ही रिपोर्ट सामने आएगी। पिछले वर्ष प्राचीन टीले की के पास अवैध खुदाई की जा रही थी। अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की तो टीले के संरक्षण की कवायद शुरू हुई।
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और भी सिक्के मिल सकते हैं

सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय के संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग व प्राचीन इतिहास के असिस्टेंट प्रोफसर डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी ने कहा कि बौद्ध क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अंग्रेज सरकार ने भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना था। ये सिक्के शोध की दृष्ट से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। प्राचीन काल में बैंक नहीं थे इसलिए लोग अपने घरों में जमीन के अंदर ही धन संचय करते थे। इस गांव के आसपास और भी सिक्के मिल सकते हैं। ये सिक्के पुरातात्विक धरोहर हैं। जांच के बाद इसे संग्रहालय में रखा जाएगा और अध्ययन में काम आएंगे। सिद्धार्थनगर के पुरातात्विक इतिहास में इन सिक्कों की भूमिका बड़ी हो सकती है। जांच के बाद पता और भी महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आ सकते हैं।
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