बांसी। शीतलहर व सर्द हवाओं ने गरीबों का जीना मुहाल कर दिया है। इसके बावजूद हाड़ कंपा देने वाली ठंड में बचाव को लेकर प्रशासन संजीदा नहीं है। प्रशासन ने चंद चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था किया है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
अकबर नगर वार्ड निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग गौरी शंकर मांझी का कहना है कि इस ठंड से हम सब काफी हलकान हैं। गर्म कपड़ों का अभाव है। बीते वर्षों में गरीबों की आबादी में अलाव जलाने की व्यवस्था नगर पालिका करती थी, मगर इस वर्ष अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं हुई है। श्याम नगर वार्ड निवासी रिक्शा चालक छेदी का कहना है कि इस जानलेवा ठंड में गरीबों का ध्यान किसी को नहीं है। अलाव कहां जल रहा है व कंबल कहां बंटा है, यह सिर्फ प्रशासन जानता है। हम गरीबों के मोहल्ले में न अलाव की व्यवस्था है और न ही कंबल बंटा है।
निराला नगर निवासी बहराम की राय भी कुछ इसी तरह है। इनका कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन ईमानदारी से नहीं किया जा रहा है। गरीबों की आबादी के बीच अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर निवासी बन्ना मांझी का कहना है कि इस भीषण ठंड में गरीबों को काफी दुश्वारी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद गरीबों के मोहल्ले में अलाव की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में नगर पालिका के प्रधान लिपिक जहांगीर का कहना है कि कुछ चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। अन्य स्थानों पर भी अलाव का इंतजाम किया जा रहा है।