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Siddharthnagar News: मुंह के छाले की अनदेखी से कैंसर का खतरा कैंसर के रोगी

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जिला अस्पताल की ओपीडी में नाक, कान, गला के डॉक्टर को दिखाने के लिए बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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मुंह के छाले की अनदेखी से कैंसर का खतरा
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सिद्धार्थनगर। अगर खाने में सब कुछ तीखा लग रहा है और हर निवाले को खाने के पानी का घूंट लेना पड़ रहा है तो सावधान हो जाएं। यह कैंसर का लक्षण हो सकता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ के पास इस तरह के 10 से अधिक मरीज आ रहे हैं। महीने में 10-15 मरीज ऐसे आ जा रहे हैं, जिनमें कैंसर का लक्षण दिखने पर हॉयर सेंटर रेफर किया जा रहा है। चिकित्सक पान, गुटखा का अधिक सेवन मुख्य वजह बता रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, जिले में पहले की अपेक्षा कैंसर रोगी बढ़ रहे हैं। हालांकि, कैंसर अस्पताल नहीं होने के कारण ऐसे मरीजों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। खान पान के साथ ही अव्यवस्थित जीवनशैली व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियों का शिकार बना रही है। मौजूदा समय में एक मुंह से जुड़ी बीमारियां सामने आ रही हैं। इसमें व्यक्ति कई माह या फिर कई दिनों से मुंह की परेशानी से जूझ रहा है। जैसे अगर कुछ भी खाता है तो उसके मुंह में चुभन और जलन महसूस होती है। हर निवाले पर पानी पड़ता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास प्रतिदिन ऐसे 10 से अधिक केस पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मुताबिक इसे गंभीर समस्या बता रहे हैं। एक माह में इस समस्या से जुड़े 10-15 मामले ऐसे आ जा रहे हैं, जिनमें कैंसर का लक्षण मिल रहा है। उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ल ने एक साल में जिले में सौ से ज्यादा कैंसर मरीज चिह्नित हुए हैं, जबकि प्री कैंसर के मरीज भी सामने आए हैं।
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पानी के साथ खा रहा था खाना
चिकित्सक के मुताबिक, डुमरियागंज क्षेत्र का एक युवक इलाज के लिए आया था। उसने बताया कि पिछले छह माह से कुछ भी खाने पर तीखा लग रहा है। पानी के घूंट के साथ निवाला डालते हैं। कई स्थानों पर इलाज कराया, लेकिन ठीक नहीं हो रहा है। चिकित्सक ने जांच के बाद बताया कि अब यह समस्या गंभीर हो चुकी है। कैंसर जैसा लक्षण प्रतीत हो रहा है। बायप्सी जांच कराओ, इसके बाद इलाज होगा।
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मुंह खुलना ही हो गया बंद
इसी प्रकार नौगढ़ क्षेत्र का एक ही एक केस पहुंचा, जिसमें युवक के पिता ने बताया कि पिछले कुछ माह से खाने में तीखा महूसस होता था। जब इलाज कराते तो सही हो जाता था, लेकिन अब धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो गया है। किसी तरह से दो उंगली मुंह में जा पाती है। चिकित्सक ने देखा तो छाला से जख्म हो चुके हैं। इसलिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। इस प्रकार के अनेकों केस आ रहे हैं।
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लापरवाही पड़ सकती है भारी
नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि मुंह की परेशानी से जुड़े रोगी बढ़े हैं। कोई खाना नहीं खा पा रहा है तो किसी को सब कुछ तीखा लगता है। खाना कम और पानी जरूरत से ज्यादा पी रहा है। इनमें 80 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो ज्यादा पान मसाला का सेवन कर रहे हैं। 20 प्रतिशत लोगों को पेट और अन्य परेशानी है। माह में 10-15 ऐसे केस आ रहे हैं, जिनमें मुंह के कैंसर के लक्षण मिल रहे हैं। पान मसाला खाने वाले खासतौर पर उससे बचें।
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