अंबेडकरनगर के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होने के साथ ही तेज हुआ धान रोपाई का कार्य।
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बर्डपुर। काला नमक धान को अब नई पहचान दी जाएगी। सरकार ने निर्णय किया है कि बड़े स्तर पर इसकी ब्रांडिग की जाएगी। महक वाले इस धान को अपनी पहचान दिलाने के लिए मुहिम चलाया जाएगा। इसका नाम सिद्धार्थनगर काला नमक रखा जाएगा। पिछड़े इलाके में काला नमक धान की मंडी भी स्थापित होगी। किसानों को रोजगार व अपनी पहचान मिलने के आसार बढ़ जाएंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले की पहचान माने जाने वाले कालानमक धान को बढ़ावा देने की शनिवार को कोडरा ग्रांट में किसानों को संबोधित करते हुए घोषणा की। कहा कि कई बार इस गांव में आने का न्योता मिला, लेकिन हर बार एक सवाल मन में कौंधता रहा कि अगर वहां जाऊंगा तो सीएम होने के कारण सरकार को कोई तोहफा देना चाहिए। काफी विचार विमर्श के बाद यह फैसला किया कि इस क्षेत्र की पहचान माना जाने वाले काला नमक धान को बासमती चावल के समकक्ष खड़ा किया जाए। इसके लिए सरकार ने योजना बनानी शुरू कर दी है।
जैसे बासमती चावल की ब्रांडिग की जाती है, वैसे ही काला नमक चावल की बिक्री के लिए मंडिया बनाई जाएगी। लोगों ने बताया है कि काला नमक धान की पहचान बुद्ध काल से है। महात्मा बुद्ध ने शांति की खोज में जाते समय प्रजा को काला नमक धान का बीज प्रसाद के रूप में दिया था यानि कि गौतम बुद्ध ने भी इसको बढ़ावा देने के लिए प्रयोग किया। ग्रामीणों से कहा कि यहां आने से पहले ही ग्राम पंचायत को आई स्पर्श योजना में चयनित करा दिया है। शीघ्र ही लाभ भी दिखने लगेगा।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि पिछड़े क्षेत्र के एक गांव में आने वाले पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं। जिले को सीएम ने कई सौगातों से नवाजा है। इसका कर्ज विधानसभा चुनाव में सपा की दोबारा सरकार बनवा कर ही उतारा जा सकता है। सपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कहा कि सरकार बनने से पहले प्रदेश में चार घंटे ही बिजली मिलती थी। अखिलेश यादव की सरकार में 20 घंटों तक बिजली मिल रही है। इस दौरान योगेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू खान, अब्दुल मोबीन, अनवारुल हक, बाबू भाई कांचवाला, तौसीफ चौधरी, धर्नुधर प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।