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भाजपा की आंधी में गिरे विधानसभा अध्यक्ष

Sat, 11 Mar 2017 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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बीजेपी - फोटो : self
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सिद्धार्थनगर। इटवा विधानसभा सीट से छ: बार विधायक रहे उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को भाजपा की आंधी ने धराशाई कर दिया। 2002 के विधानसभा चुनाव से वह इटवा की सीट पर लगातार विधायक रहे। वर्ष 1993 के बाद यहां पहली बार भाजपा का कमल खिला। स्वयंबर चौधरी के बाद यह कारनामा दूसरी बार यहां करने में डॉ. सतीश द्विवेदी सफल रहे। इटवा विधानसभा के पिरैला गांव के निवासी माता प्रसाद पांडेय वर्ष 1980 के चुनाव में पहली जीत दर्ज करते हुए इटवा की गद्दी पर काबिज हुए थे। पहला चुनाव वह जनता दल से लड़े थे।
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वर्ष 1985 में उन्हें लोकदल के टिकट पर यहां से जीत मिली। 1989 में पुन: जनता दल की सरकार में जीत की हैट्रिक लगाने के एवज में उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी। माता प्रसाद के जीत का क्रम वर्ष 1991 में कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद मुकीम ने तोड़ा तो इटवा की सीट पर पहली बार 1993 में स्वयंबर चौधरी ने कमल खिलाया। इस सीट पर दोबारा कमल खिलने में 24 वर्ष का समय लगा और 2017 की असेंबली में सतीश द्विवेदी नें यहां से फिर कमल को गौरवांवित किया। वर्ष 1996 में मो. मुकीम यहां एक बार फिर विधायक बनें। 2002 के विधानसभा चुनाव में माता प्रसाद ने फिर अपनी सीट वापस हासिल की। वापसी के एवज में पांडेय को श्रम मंत्रालय दिया गया। 2007 और 2012 के चुनाव में जीते माता प्रसाद पांडेय को विधानसभा अध्यक्ष जैसे गरिमामयी पद का दायित्व प्राप्त मिला। 
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